अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर भीषण धमाके की आवाज से कांप उठी है। सोमवार को काबुल के शहर-ए-नवा जिले में एक व्यस्त होटल को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला या विस्फोट किया गया। टोलोन्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से संकेत मिलते हैं कि इस हमले का मुख्य निशाना वहां मौजूद चीनी नागरिक थे। काबुल का यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद हमलावर यहां बड़ी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे। धमाके के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन जारी है।
गुलफरोशी स्ट्रीट पर खूनी खेल: होटल और चीनी रेस्टोरेंट के पास हुआ विस्फोट
विस्फोट शहर-ए-नवा की मशहूर गुलफरोशी स्ट्रीट पर स्थित एक होटल में हुआ। यह स्थान एक लोकप्रिय चीनी रेस्टोरेंट के बिल्कुल करीब है, जहाँ अक्सर विदेशी नागरिकों और विशेष रूप से चीनी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का आना-जाना लगा रहता है। इस इलाके को काबुल के सबसे सुरक्षित और ‘हाई-प्रोफाइल’ क्षेत्रों में गिना जाता है, क्योंकि यहाँ कई विदेशी दूतावासों के कर्मचारी और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि निवास करते हैं। तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने घटना की पुष्टि तो की है, लेकिन अभी तक हताहतों की कुल संख्या को लेकर कोई औपचारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
चीनी नागरिकों पर लक्षित हमला: सुरक्षा सूत्रों ने व्यक्त की आशंका
अफगान सुरक्षा सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, हमलावरों की रणनीति स्पष्ट रूप से चीनी नागरिकों को क्षति पहुँचाने की थी। अफगानिस्तान में पिछले कुछ समय से चीनी निवेश और उपस्थिति बढ़ी है, जिसे चरमपंथी समूह लगातार निशाना बनाने की धमकियां देते रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि हमलावर सुरक्षा की कई परतों को पार कर इतने सुरक्षित होटल के अंदर विस्फोटक पहुँचाने में कैसे कामयाब हुए।
इमरजेंसी अस्पताल में मची चीख-पुकार: 20 घायल और 7 की मौत की पुष्टि
काबुल के इमरजेंसी हॉस्पिटल ने मीडिया को बताया कि धमाके के तुरंत बाद लगभग 20 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। घायलों में महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो उस समय होटल के आसपास मौजूद थे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायलों में से सात लोगों ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। मरने वालों और घायलों की राष्ट्रीयता के बारे में अस्पताल ने अभी तक कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हताहतों में कितने चीनी नागरिक शामिल हैं।
तालिबान शासन के लिए नई सुरक्षा चुनौती: विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल
यह हमला तालिबान प्रशासन के उन दावों पर सवालिया निशान लगाता है, जिनमें वे अफगानिस्तान में पूर्ण सुरक्षा और शांति का वादा करते रहे हैं। विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से चीन जैसे रणनीतिक साझेदार के नागरिकों पर हमला होना तालिबान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी चुनौती है। इस घटना के बाद काबुल में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इस तरह के हमले भविष्य में अफगानिस्तान में विदेशी निवेश और राजनयिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।
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