Jwalamukhi Temple: हिमाचल प्रदेश की पावन पहाड़ियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर इन दिनों आस्था और भक्ति के अनूठे संगम का केंद्र बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि 2026 के अवसर पर माँ ज्वाला की अखंड ज्योतियों के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ऐसे में हम आपको अपने इस लेख द्वारा इस मंदिर से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।
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चैत्र नवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब

चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन माँ ज्वालामुखी के दरबार में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मान्यता है कि यहाँ माँ सती की जिह्वा गिरी थी, जो अनंत काल से नौ पवित्र ज्योतियों के रूप में प्रज्वलित है। इस बार नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का उत्साह अपने चरम पर है, जहाँ भक्त जयकारों और भजन-कीर्तन के साथ कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे द्वार
भीड़ के भारी दबाव और भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। छठी, सप्तमी और अष्टमी नवरात्रि के दौरान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल के अनुसार, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूर-दराज से आए किसी भी भक्त को असुविधा न हो और वे शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन कर सकें। मंदिर के सभी कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मां की सात ज्योतियों का विशेष महत्व
मंदिर के पुजारी कपिलमुनि ने बताया कि यहाँ गर्भगृह में माँ ज्वाला सात दिव्य रूपों में साक्षात विराजमान हैं। इनमें माँ चंडी, हिंगलाज, विंध्यवासिनी, महाकाली, अन्नपूर्णा, महासरस्वती और महालक्ष्मी के स्वरूप शामिल हैं। नवरात्रि के दौरान इन ज्योतियों के समक्ष पूजन, हवन और यज्ञ करने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि भक्त न केवल दर्शन कर रहे हैं, बल्कि मुंडन और विशेष अनुष्ठान भी संपन्न करवा रहे हैं।
चढ़ावे और दर्शन का नया रिकॉर्ड
इस वर्ष नवरात्रि के पहले पांच दिनों के आँकड़े मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाते हैं। मात्र पांच दिनों में करीब 1.50 लाख से अधिक भक्तों ने माथा टेका है।शुरुआती चार दिनों के भीतर ही मंदिर के खजाने में 25 लाख रुपये से अधिक की राशि अर्पित की जा चुकी है।
प्रशासनिक चाक-चौबंद व्यवस्थाएं

सुरक्षा और सुगमता को प्राथमिकता देते हुए मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही, श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और स्वच्छता पर विशेष बल दिया जा रहा है। लाइनों को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष बैरिकेडिंग की गई है ताकि बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी न हो।
भक्तों से सहयोग की अपील
मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सभी आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। माता के दर्शन के लिए संयम बरतें ताकि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन न हो और सभी भक्त सुगम तरीके से माँ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।









