JNU News: राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्वविद्यालय में 11 छात्राओं की शिकायतों के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज की है। विश्वविद्यालय की कार्रवाई और पुलिस की जांच के बाद मामला अब शैक्षणिक परिसर से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गया है।
बताते चले कि, अंगोमचा बिमोल अकोइजाम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। एक तरफ छात्राओं की शिकायतों और जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ सांसद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
JNU की आंतरिक समिति की जांच और बर्खास्तगी का मामला
आपको बता दे कि, छात्राओं की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने मामले की जांच की। शिकायतों में कथित अनुचित व्यवहार और मौखिक परीक्षा (वाइवा) के दौरान परेशान किए जाने जैसे आरोप शामिल बताए गए हैं। कुछ दावों में ग्रेड बढ़ाने के नाम पर अनुचित मांग किए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर सांसद ने अपना पक्ष रखते हुए कई दावों को खारिज किया है।

उपलब्ध विवरण के मुताबिक, आंतरिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रोफेसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई को लेकर परिसर में विरोध और समर्थन, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने की बात कही गई है।
BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बाद मामले में पुलिस की एंट्री भी हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 और 79 सहित कुछ प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। ये धाराएं यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कथित व्यवहार से जुड़ी हैं। पुलिस अब शिकायतों, संबंधित बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
अकोइजाम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल

सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनके खिलाफ मीडिया में गलत तस्वीर पेश की जा रही है और मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने जांच प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने और गवाह पेश करने का दावा भी किया है। अकोइजाम के मुताबिक, उन्होंने 31 मई को लिखित जवाब दिया था और 16 जुलाई को समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने ईमेल से जुड़े विश्वविद्यालय के दावों पर भी आपत्ति जताई। सांसद का कहना है कि वह इस कार्रवाई को कानूनी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
BJP का कांग्रेस नेतृत्व से सवाल
इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि महिला अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस अपने सांसद पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर क्या रुख अपना रही है। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी से भी जवाब मांगा है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज समेत पार्टी नेताओं ने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। वहीं, इस पूरे विवाद में सांसद का पक्ष भी सामने है, जिसमें उन्होंने आरोपों को खारिज किया है।
JNU केस में आगे क्या होगा?

फिलहाल, इस मामले में विश्वविद्यालय की कार्रवाई और पुलिस की जांच दोनों अहम हैं। आगे की जांच में शिकायतों, गवाहों और दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मामला अदालत तक पहुंचता है तो वहां भी कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया पर फैसला हो सकता है। ऐसे में JNU यौन उत्पीड़न मामले पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ कानूनी घटनाक्रम पर भी नजर रहेगी।










