Jhiram Ghati Case : झीरम घाटी मामले पर विजय शर्मा का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- सबूत NIA को सौंपें

झीरम घाटी हमले में NIA अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के पास घटना से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें NIA को सौंपना चाहिए। अब सवाल है कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या जवाब देगी?

Jhiram Ghati Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 7, 2026

Jhiram Ghati Case : छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर तीखा पलटवार किया। कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के फैसले को अधूरा बताए जाने पर शर्मा ने कहा कि इस मामले पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को उपलब्ध सबूत जांच एजेंसी को सौंपने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग नक्सली कमांडर हिडमा को अपना आदर्श बताते हैं, उन्हें झीरम घाटी मामले पर टिप्पणी करना शोभा नहीं देता।

झीरम हमले की जांच और NIA की कार्रवाई का दिया हवाला

विजय शर्मा ने कहा कि 25 मई 2013 को झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था और इसके दो दिन बाद 27 मई को मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। उस समय केंद्र में यूपीए सरकार थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ। शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि एनआईए की जांच सही दिशा में नहीं होती तो क्या अदालत दोषियों को सजा सुना पाती।

कांग्रेस से सबूत जांच एजेंसी को देने की अपील

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी मामले में अभी केवल एक चरण पूरा हुआ है और आगे की कानूनी प्रक्रिया बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनआईए की जांच जारी है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल के पास यदि इस घटना से संबंधित कोई महत्वपूर्ण सबूत या जानकारी है तो उसे सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। उनके मुताबिक, इससे मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

दस आरोपियों को दोषी ठहराने का फैसला

गौरतलब है कि 5 सितंबर को एनआईए की विशेष अदालत ने 25 मई 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत अब 16 सितंबर को दोषियों की सजा का ऐलान करेगी। इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर झीरम घाटी हमले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

सीमेंट प्लांट को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण

राजा गुरु बालकदास की 221वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने खैरागढ़ पहुंचे विजय शर्मा ने स्थानीय मुद्दों पर भी पत्रकारों से बातचीत की। दनिया अतरिया हनईबन में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट के संबंध में उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध के बाद जनसुनवाई रद्द की जा चुकी है। फिलहाल इस परियोजना को लेकर कोई नई कवायद नहीं चल रही है।

पुलिस भर्ती पर अभ्यर्थियों को दिया संदेश

पुलिस भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में 4,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शर्मा ने अभ्यर्थियों से अपील की कि यदि उन्हें भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कोई शिकायत या समस्या है तो वे अपनी बात उचित और निर्धारित मंच पर रखें।

राजा गुरु बालकदास जयंती पर भव्य आयोजन

खैरागढ़ में राजा गुरु बालकदास की 221वीं जयंती श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाई गई। राजा गुरु बालकदास समिति केसीजी और सतनामी समाज के तत्वावधान में सतनाम शोभायात्रा तथा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। पूरा शहर ‘जय सतनाम’ के नारों से गूंजता रहा और वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा।

समाज भवन समेत कई विकास कार्यों की घोषणा

दिलीप सिंह मंगल भवन में आयोजित समारोह में विजय शर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान समाज की विभिन्न मांगों पर उन्होंने कई घोषणाएं कीं। खैरागढ़ में समाज भवन के निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। ग्राम मंडला में मॉडल जैतखाम के निर्माण के लिए करीब छह लाख रुपये देने की बात भी कही गई।

पंथी कलाकारों के लिए प्रोत्साहन राशि

कार्यक्रम में पंथी नृत्य प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं का उत्साह बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री ने 5,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के लिए 50 हजार रुपये उपलब्ध कराने की बात कही गई। इन घोषणाओं का समारोह में मौजूद लोगों ने स्वागत किया।

जयघोष के बीच निकली सतनाम शोभायात्रा

समारोह के बाद भव्य सतनाम शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा अंबेडकर चौक, नया बस स्टैंड, जय स्तंभ चौक, इतवारी बाजार, बख्शी मार्ग और गोलबाजार से होकर वापस मंगल भवन पहुंची। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल समाज के लोगों का जगह-जगह स्वागत किया गया। आतिशबाजी और ‘जय सतनाम’ के जयघोष से पूरा शहर उत्सवमय नजर आया। जयंती समारोह ने सामाजिक एकता का संदेश देने के साथ राजनीतिक चर्चाओं को भी प्रमुखता दी।

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