Jharkhand University Act 2026 लागू, नियुक्ति और प्रमोशन नियम बदलेंगे

 रांची  झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग इसके अनुपालन के लिए लगभग आधा दर्जन स्टैच्यूट (परिनियम) गठित करने की तैयारी कर रहा है। सारे परिनियम विश्वविद्यालयों में संरचनात्मक सुधार से संबंधित हैं। नए अधिनियम में कुलपतियों से लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के नियुक्ति, सेवाशर्त एवं प्रोन्नति से संबंधित प्रविधानों में बदलाव हुआ है। सभी से संबंधित अलग-अलग परिनियम लागू किए जाएंगे। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के तहत विश्वविद्यालयों में पहली बार विभिन्न विभागों के लिए निदेशक पद के प्रविधान किए गए हैं। परिनियम गठित कर इनकी

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 11, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 रांची

 झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग इसके अनुपालन के लिए लगभग आधा दर्जन स्टैच्यूट (परिनियम) गठित करने की तैयारी कर रहा है।

सारे परिनियम विश्वविद्यालयों में संरचनात्मक सुधार से संबंधित हैं। नए अधिनियम में कुलपतियों से लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के नियुक्ति, सेवाशर्त एवं प्रोन्नति से संबंधित प्रविधानों में बदलाव हुआ है। सभी से संबंधित अलग-अलग परिनियम लागू किए जाएंगे।

झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के तहत विश्वविद्यालयों में पहली बार विभिन्न विभागों के लिए निदेशक पद के प्रविधान किए गए हैं। परिनियम गठित कर इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया भी निर्धारित की जाएगी।

विश्वविद्यालयों में विभिन्न बोर्ड के गठन को लेकर भी नीतियां तैयार होंगी। विश्वविद्यालयों में अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों की नियुक्ति के लिए झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन की भी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। इसके लिए भी अलग से परिनियम गठित किया जाएगा।

छात्रों तथा शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की शिकायतों के निपटारे के लिए कमेटी और न्यायाधिकरण के भी प्रविधान अधिनियम में पहली बार किए गए हैं। इन सभी निकायों के गठन के लिए भी परिनियम गठित किया जाएगा।

छात्रसंघ चुनाव के लिए भी प्रविधान
छात्र संघ चुनाव के लिए भी प्रविधान में बदलाव किया गया है। साथ ही पहली बार प्रति कुलाधिपति के पद का प्रविधान किया गया है।

गठित होने वाले सारे परिनियम पर कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की भी स्वीकृति ली जाएगी। परिनियम में विश्वविद्यालयों, अंगीभूत एवं संबद्ध कालेजों तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारों का स्पष्ट रेखांकन किया जाएगा।

बताते चलें कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राज्य में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय सेवा अधिनियम अधिसूचित हो चुका है। इस अधिनियम को लागू करने के लिए ही विभिन्न परिनियमों का गठन किया जा रहा है।

Leave a Comment

2