छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर सुधार को लेकर झारखंड हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी बरसात से पहले भैरवी नदी के डेंजर जोन में बैरिकेडिंग का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके. बैरिकेडिंग से हादसों पर लगेगा ब्रेक कोर्ट ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि भैरवी नदी के किनारे चिन्हित खतरनाक क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जाए. यह कदम इसलिए जरूरी माना

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Published On :

अप्रैल 25, 2026

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रांची

 झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी बरसात से पहले भैरवी नदी के डेंजर जोन में बैरिकेडिंग का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके.

बैरिकेडिंग से हादसों पर लगेगा ब्रेक
कोर्ट ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि भैरवी नदी के किनारे चिन्हित खतरनाक क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जाए. यह कदम इसलिए जरूरी माना गया है क्योंकि हर साल यहां कई श्रद्धालु और पर्यटक दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं. सरकार की ओर से बताया गया कि करीब 50 लाख रुपये की लागत से इस परियोजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है और जल्द ही काम शुरू होगा.

विस्थापित दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था का आदेश
खंडपीठ ने मंदिर परिसर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर भी अहम निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि सभी प्रभावित दुकानदारों के लिए स्थायी दुकानें बनाकर दी जाएं और उनसे नियमानुसार किराया वसूला जाए. इससे न केवल दुकानदारों को स्थायित्व मिलेगा, बल्कि सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा.

254 दुकानदारों के पुनर्वास की तैयारी पूरी
रामगढ़ के उपायुक्त ने अदालत को जानकारी दी कि कुल 254 दुकानदारों को पुनर्वासित करने की योजना बनाई गई है. इसके लिए मंदिर के पास ही उपयुक्त स्थान चिन्हित कर लिया गया है. प्रशासन का दावा है कि जल्द ही इन दुकानों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे प्रभावित लोगों को राहत मिल सकेगी.

श्रद्धालुओं के लिए अस्पताल बनाने का सुझाव
कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) को अपने सीएसआर फंड के तहत मंदिर परिसर के पास एक अस्पताल बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया है. इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी. फिलहाल इस प्रस्ताव पर कंपनी को निर्णय लेना है.

मंदिर सौंदर्यीकरण और सुविधाओं पर भी जोर
हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर के व्यापक विकास के लिए कई अहम बिंदुओं पर जोर दिया है. इनमें सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, कपड़े बदलने के कक्ष, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं. साथ ही अतिक्रमण हटाने और भैरवी नदी के चौड़ीकरण की भी योजना पर काम करने को कहा गया है.

डीपीआर तैयार, विशेषज्ञ एजेंसी कर रही काम
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मंदिर के पुनर्निर्माण और विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है. यह कार्य चड्ढा एंड एसोसिएट नामक एजेंसी को सौंपा गया है. सरकार ने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएंगे.

11 मई को अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख निर्धारित की है. साथ ही रामगढ़ के उपायुक्त को अगली सुनवाई में फिर से उपस्थित रहने और कार्यों की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. इससे यह स्पष्ट है कि कोर्ट इस मामले की निगरानी गंभीरता से कर रहा है.

जनहित याचिका के आदेश के अनुपालन पर जोर
यह मामला पहले दायर जनहित याचिका से जुड़ा हुआ है, जिसमें 11 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर के विकास और सुरक्षा को लेकर कई निर्देश दिए थे. अवमानना याचिका के माध्यम से उन आदेशों के अनुपालन की मांग की गई थी.

सुरक्षा और पर्यटन विकास का संतुलन जरूरी
रजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा और सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय रहा है. हाईकोर्ट के ताजा निर्देशों से उम्मीद है कि न केवल दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव भी मिलेगा.

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