Jharkhand BJP: आदित्य साहू निर्विरोध चुने गए झारखंड भाजपा के नए अध्यक्ष, बाबूलाल मरांडी की ली जगह

झारखंड भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया गया है। मंगलवार को नामांकन का समय समाप्त होने तक केवल उनका ही पर्चा दाखिल हुआ था। बुधवार को केंद्रीय चुनाव अधिकारी जुअल ओराम ने उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी। क्या साहू गुटबाजी खत्म कर पाएंगे?

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 14, 2026

झारखंड भाजपा को नया नेतृत्व मिल गया है। राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें यह पद निर्विरोध मिला, क्योंकि 13 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया में केवल उनका ही नामांकन दाखिल हुआ था। आदित्य साहू बाबूलाल मरांडी की जगह राज्य भाजपा अध्यक्ष बने हैं। बाबूलाल मरांडी वर्तमान में विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।झारखंड के लिए बीजेपी के चुनाव अधिकारी और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने बताया कि आदित्य साहू पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को इस पद के लिए केवल आदित्य साहू ने ही नामांकन दाखिल किया था, इसलिए उनका चयन निर्विरोध हुआ।

आदित्य साहू कौन हैं

आदित्य साहू झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे ओबीसी समुदाय से आते हैं। 3 अक्टूबर को उन्हें भाजपा ने झारखंड यूनिट का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। साल 2022 में आदित्य साहू राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे। सांसद बनने से पहले उन्होंने झारखंड भाजपा में महासचिव का पद संभाला था।आदित्य साहू का प्रदेश अध्यक्ष बनना 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके सामने कई चुनौतियां हैं। उन्हें पांच पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच संतुलन बनाना होगा, जिनके अपने समर्थक हैं। इसके अलावा, आदिवासी वोट बैंक जो झारखंड में भाजपा से दूर हुआ था, उसे भी वापस लाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।

नेशनल काउंसिल के सदस्यों की घोषणा

इसके अलावा, भाजपा ने नेशनल काउंसिल के सदस्यों की भी घोषणा कर दी है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, मधु कोड़ा और चंपाई सोरेन, सांसद संजय सेठ, करिया मुंडा और दीपक प्रकाश, और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी शामिल हैं। कुल 21 नेताओं ने नेशनल काउंसिल सदस्य पदों के लिए नामांकन दाखिल किया।इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने आदित्य साहू को सरल, सौम्य और संगठन के प्रति ईमानदार बताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता और संगठन दोनों को मजबूती मिलेगी। अर्जुन मुंडा ने भाजपा के राज्य और राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में साहू के योगदान की उम्मीद जताई।

भाजपा का लक्ष्य: 2029 में झारखंड में सरकार

अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड में भाजपा 2029 तक सरकार बनाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि अपहरण, हत्या और अपराध बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा झारखंड राज्य के गठन के उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।आदित्य साहू को अब पार्टी संगठन को मजबूत करना और विभिन्न समुदायों के बीच संतुलन बनाए रखना होगा। उन्हें पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के साथ तालमेल बिठाने के साथ-साथ राज्य के अलग-अलग वोट बैंक, विशेषकर आदिवासी और ओबीसी समुदायों के समर्थन को पुनः प्राप्त करना है।

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