जौनपुर बना प्रदेश में अव्वल, 2.24 लाख से अधिक बुजुर्गों को मिल रहा योजना का लाभ

समाज कल्याण विभाग पात्र लाभार्थियों तक पहुंचा रहा योजना का लाभ, सत्यापन प्रक्रिया भी तेज लखनऊ बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में योगी सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में 67.50 लाख पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन दी जा रही है। सरकार की इस पहल से वृद्धजनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिल रहा है। समाज कल्याण विभाग योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ ही लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया भी तेजी

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Published On :

नवम्बर 5, 2026

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समाज कल्याण विभाग पात्र लाभार्थियों तक पहुंचा रहा योजना का लाभ, सत्यापन प्रक्रिया भी तेज

लखनऊ
बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में योगी सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में 67.50 लाख पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन दी जा रही है। सरकार की इस पहल से वृद्धजनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिल रहा है। समाज कल्याण विभाग योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ ही लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

जौनपुर ने बनाया पहला स्थान, आजमगढ़ और गोरखपुर भी आगे
वृद्धावस्था पेंशन योजना के क्रियान्वयन में जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यहां 2,24,345 बुजुर्गों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। वहीं, 1,97,129 लाभार्थियों के साथ आजमगढ़ दूसरे और 1,72,917 बुजुर्गों के साथ गोरखपुर तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा गाजीपुर में 1,69,161, हरदोई में 1,69,105, बलिया में 1,68,241, प्रयागराज में 1,67,536, प्रतापगढ़ में 1,61,656, कुशीनगर में 1,59,964 और अंबेडकर नगर में 1,50,835 बुजुर्ग योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। टॉप-10 जिलों का प्रदर्शन अधिक से अधिक पात्र वृद्धजनों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के प्रयासों को दर्शाता है।

हर महीने एक हजार रुपये से बुजुर्गों को आर्थिक संबल
योगी सरकार की प्राथमिकता बुजुर्गों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। वृद्धावस्था में नियमित आय का साधन न होने से कई लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रतिमाह एक हजार रुपये की पेंशन उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता साबित हो रही है। प्रदेशव्यापी स्तर पर 67.50 लाख बुजुर्गों तक इस सहायता का पहुंचना सरकार की व्यापक सामाजिक सुरक्षा नीति को दर्शाता है। योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि उम्र के इस पड़ाव पर बुजुर्गों को आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़े।

पात्र बुजुर्गों तक लाभ पहुंचाने पर सरकार का जोर
समाज कल्याण विभाग बेहतर समन्वय और तेजी के साथ पेंशन योजना का संचालन कर रहा है। लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया के जरिए पात्र लोगों तक सहायता पहुंचाने और योजना की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार बुजुर्गों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है। सभी 75 जिलों में 67.50 लाख वृद्धजनों को सुगमता से प्रतिमाह 1 हजार रुपये की पेंशन दी जा रही है।

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