जसबीर, पंजाबी यूट्यूबर, 10 महीने बाद जेल से बाहर, पाकिस्तान के लिए जासूसी का था आरोप, बोले- भाई का कर्ज चुकाऊंगा

चंडीगढ़  पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने ने जासूसी और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के आरोपी यूट्यूबर जसबीर सिंह को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की हो।  अदालत ने यह भी माना कि आरोपी करीब दस माह से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ आरोप मुख्य रूप से गुप्त सूचना और कथित स्वीकारोक्ति बयान पर आधारित हैं। जसबीर सिंह पर आरोप था कि वह पाकिस्तान की

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Published On :

अप्रैल 29, 2026

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चंडीगढ़ 

पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने ने जासूसी और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के आरोपी यूट्यूबर जसबीर सिंह को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा की हो। 

अदालत ने यह भी माना कि आरोपी करीब दस माह से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ आरोप मुख्य रूप से गुप्त सूचना और कथित स्वीकारोक्ति बयान पर आधारित हैं। जसबीर सिंह पर आरोप था कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में रहकर सेना की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा कर रहा था। हालांकि जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से किसी प्रकार की चैट या संपर्क का ठोस प्रमाण नहीं मिला।

अदालत ने कहा कि जिन वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया गया वे भाखड़ा बांध और मोहाली हवाई अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थानों से जुड़े हैं, जहां आम लोगों की पहुंच रहती है। ऐसे में इन्हें गोपनीय सूचना मानना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी पाया कि संबंधित धाराओं और कानूनी प्रक्रिया के पालन में कमी रही है, जिससे अभियोजन का पक्ष कमजोर हुआ है। 

वह सभी के शुक्रगुजार रहेंगे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि राज्य सरकार यह साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी कि जसबीर किसी पाकिस्तानी नागरिक या खुफिया अधिकारी के संपर्क में था। जिन वीडियो को जासूसी का सबूत बताया गया था, वे सार्वजनिक स्थानों के थे, जहां आम जनता जा सकती है।

साथ ही पुलिस उनके मोबाइल से किसी भी तरह की चैट या गोपनीय जानकारी साझा करने का कोई स्वतंत्र और ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसी आधार पर उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि अभी तक उन्होंने मीडिया से दूरी बनाकर रखी हुई है। वह अपने यूट्यूब चैनल से अपनी बात रख रहे हैं।

जेल में पता लगा परिवार कितना प्यार करता है
जॉन माहल ने अपने खेतों से एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने जेल के दिनों को याद करते हुए भावुक बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वह जेल का समय याद करते हैं, उनकी आंखें भर आती हैं।

माहल ने बताया कि जब परिवार उनसे मिलने जेल आता था, तो बीच में जाली लगी होती थी। एक तरफ वह होते थे और दूसरी तरफ उनका परिवार। उन्हें देखकर परिवार रोने लगता था, वहीं उनके भाई भी भावुक हो जाते थे। उस समय उन्हें एहसास हुआ कि परिवार उनसे कितना प्यार करता है। उन्होंने कहा कि बाद में वह घरवालों से कहने लगे थे कि मिलने न आया करें।

भाई का कर्ज कभी नहीं चुका पाऊंगा
माहल ने अपने भाई का जिक्र करते हुए कहा कि मुश्किल समय में उसने उनका बहुत साथ दिया। तीन-चार महीने तक वह लगातार कोर्ट में बैठा रहा। पुरानी यादें साझा करते हुए माहल ने बताया कि जब वह बाहर थे, तब उन्होंने करियर में आगे बढ़ने के लिए काफी पैसा लगाया था। इसी दौरान उनके पिता का एक्सीडेंट हो गया और वह कोमा में चले गए।

वहीं उनकी मां को ट्यूमर हो गया। तीन-चार महीनों के भीतर दोनों का निधन हो गया। माहल ने कहा कि उस मुश्किल दौर में उनके भाई ने माता-पिता की जिस तरह सेवा की, उसका एहसान वह जिंदगीभर नहीं चुका सकते।

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