Jantar Mantar Protest : कांग्रेस सांसद बुधवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के लिए जुटे। इस दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कार्ति चिदंबरम, पवन खेड़ा और कपिल सिब्बल समेत विपक्ष के कई सांसद मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, लंच के बाद सांसद बस से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर जाने की कोशिश कर सकते हैं।
रेस्टोरेंट के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
कनॉट प्लेस दिल्ली के सबसे व्यस्त कारोबारी और सार्वजनिक इलाकों में शामिल है। कांग्रेस सांसदों के जुटने को देखते हुए पुलिस ने रेस्टोरेंट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। अधिकारियों की ओर से किसी संभावित मार्च या भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि इलाके में यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर की रणनीति बताई
लंच के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस और विपक्ष की आगे की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष जंतर-मंतर पर धरना देने की तैयारी कर रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं होने के बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
राहुल ने CEC ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। राहुल ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ 45 एफआईआर दर्ज हैं और उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो उनके खिलाफ 100 एफआईआर भी दर्ज हो सकती हैं।

ECI मुख्यालय की ओर जाने की कोशिश संभव
कांग्रेस सांसदों के लंच के बाद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर जाने की संभावना को लेकर पुलिस सतर्क रही। सूत्रों के अनुसार, सांसद बस के जरिए ECI कार्यालय की तरफ बढ़ सकते हैं। व्यस्त इलाके में किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने पहले से सुरक्षा और यातायात संबंधी तैयारियां की हैं।
राहुल-प्रियंका समेत नेताओं पर FIR
मंगलवार को इंडिया गठबंधन के मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस को इस मामले में मंगलवार रात शिकायत मिली थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया
मंगलवार को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च रोक दिए जाने के बाद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें लगभग 50 सांसद शामिल थे। हिरासत में लिए गए लोगों को न्यू पुलिस लाइंस, किंग्सवे कैंप ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाया गया
पुलिस द्वारा आकाशवाणी परिसर खाली कराने की कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं और सांसदों को वहां से हटाया गया। इनमें केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई नेता शामिल थे। कार्रवाई के बाद विपक्ष ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत दिया।
आठ घंटे से ज्यादा चला धरना
मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठ गए थे। यह प्रदर्शन आठ घंटे से अधिक समय तक चला। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े कथित सवालों को लेकर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। मंगलवार की कार्रवाई के बाद कांग्रेस अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की रणनीति बना रही है। राहुल गांधी ने खुद धरने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। अब सबकी नजर कांग्रेस के अगले कदम पर है।
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