Krishna Janmashtami: देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी की धूम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दी। प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण को दिव्यता और आध्यात्मिक चेतना का साक्षात स्वरूप बताते हुए उनके जीवन और उपदेशों को मानवता के लिए प्रेरणादायी बताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कई पोस्ट साझा कर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की प्रेरणा
बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा छिपी हुई है। उनके उपदेशों ने सदियों से मानवता को सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीकृष्ण के विचार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन में कर्तव्य, कर्म और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।
श्रीकृष्ण की भक्ति और उपासना से सकारात्मक ऊर्जा की कामना
आपको बता दे कि, प्रधानमंत्री ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उपासना को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बताया। उन्होंने कामना की कि यह शुभ पर्व हर व्यक्ति के जीवन में नई शक्ति, उत्साह और सकारात्मक सोच लेकर आए। पीएम मोदी ने अपने संदेश के अंत में देशवासियों को एक बार फिर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए ‘जय श्रीकृष्ण’ कहा।
जन्माष्टमी पर PM मोदी ने साझा किया श्रीकृष्ण का सुभाषित
भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक प्रसिद्ध सुभाषित भी साझा किया। उन्होंने लिखा—
“वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्।
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥”
यह श्लोक भगवान श्रीकृष्ण की दिव्यता और उनके महान स्वरूप का वर्णन करता है। इसके जरिए प्रधानमंत्री ने भगवान कृष्ण को जगद्गुरु के रूप में नमन किया और उनके प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप और धर्म संदेश का किया स्मरण
इस सुभाषित का अर्थ है कि वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का संहार करने वाले, माता देवकी को परम आनंद देने वाले, दिव्यता के साक्षात स्वरूप और जगद्गुरु भगवान श्रीकृष्ण को प्रणाम किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में श्रीकृष्ण के उस स्वरूप का स्मरण किया गया, जो अधर्म के विरुद्ध धर्म की स्थापना और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
नि:स्वार्थ कर्म और कर्तव्य का संदेश आज भी प्रासंगिक
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों में कर्म, धर्म और कर्तव्य को विशेष महत्व दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जन्माष्टमी के संदेश के जरिए इसी विचार को रेखांकित किया। श्रीकृष्ण का कर्मयोग का संदेश आज भी लोगों को बिना फल की चिंता किए अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा देता है।
जन्माष्टमी पर देशवासियों के लिए PM मोदी की विशेष कामना
प्रधानमंत्री का संदेश केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन और उनके मानवतावादी संदेशों की झलक भी दिखाई दी। पीएम मोदी ने कामना की कि जन्माष्टमी का यह पावन पर्व देशवासियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, नई शक्ति और उत्साह का संचार करे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने और उनके दिव्य संदेशों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।










