Jamia News: जामिया छात्र संघ चुनाव में AIMIM उतारेगी उम्मीदवार, 20 साल बाद चुनाव की तैयारी तेज

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश के बाद AIMIM ने भी चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। शोएब जमाई ने इसे छात्रों के लंबे आंदोलन की जीत बताया। अब सबकी नजर चुनाव की तारीख और उम्मीदवारों पर है।

Jamia News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 26, 2026

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Jamia News: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने ऐलान किया है कि वह छात्र संघ चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारेगी। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष शोएब जमाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। शोएब जमाई के इस ऐलान के बाद जामिया की छात्र राजनीति में AIMIM की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी का कहना है कि उसने करीब तीन साल पहले दिल्ली में अपनी छात्र इकाई की शुरुआत की थी। अब छात्र संघ चुनाव की राह खुलने से उसका एक बड़ा मकसद पूरा होने जा रहा है।

शोएब जमाई ने क्या कहा?

बताते चले कि, शोएब जमाई ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि जामिया में करीब दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं और AIMIM इसमें अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। उन्होंने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे जसीम खान AIMIM की छात्र इकाई मजलिस स्टूडेंट्स विंग (Majlis Students Wing) के पिछले सत्र के अध्यक्ष हैं।

शोएब जमाई ने क्या कहा?

जमाई ने यह भी साफ किया कि जामिया में छात्र संघ की बहाली किसी एक संगठन की जीत नहीं है। इसके लिए पिछले 20 साल से कोशिश कर रहे छात्रों और जामिया से जुड़े तमाम लोगों का इसमें योगदान है। उन्होंने आंदोलन कर रहे जसीम खान और छात्र संघ की बहाली की मांग करने वाले सभी लोगों को बधाई भी दी।

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जामिया में छात्र संघ चुनाव कराने का आदेश

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले करीब दो सप्ताह से छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इसी बीच सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी किया कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएं। इस फैसले के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों को उम्मीद मिली है कि लंबे समय से बंद पड़े छात्र संघ चुनाव अब फिर से शुरू हो सकेंगे। छात्र लगातार मांग कर रहे थे कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ को बहाल किया जाए और चुनाव कराने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।

2006 के बाद नहीं हुए चुनाव, छात्र संघ की बहाली की मांग तेज

2006 के बाद नहीं हुए चुनाव, छात्र संघ की बहाली की मांग तेज

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में साल 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। इसी वजह से छात्र लंबे समय से चुनाव कराने और अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार देने की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर आंदोलन तेज होने के बाद चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालय में छात्र संघ की बहाली जरूरी है, ताकि छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को एक मंच पर उठा सकें। चुनाव में देरी को लेकर छात्रों के बीच नाराजगी भी देखने को मिली।

चुनाव के साथ छात्रों की दूसरी मांगें भी बनीं अहम मुद्दा

छात्र संघ चुनाव कराने के अलावा प्रदर्शनकारी कई दूसरी मांगें भी उठा रहे थे। इनमें चुनाव का समयबद्ध कार्यक्रम घोषित करना, छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेना और सुरक्षा कर्मियों पर लगे कथित ज्यादती के आरोपों की जांच कराना शामिल है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश के बाद सभी की नजर इस बात पर है कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने की प्रक्रिया कब पूरी होती है और चुनाव का कार्यक्रम कब घोषित किया जाता है। वहीं, AIMIM के उम्मीदवार उतारने के ऐलान से आगामी चुनाव में छात्र संगठनों के बीच मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।