Jamia Protest: जामिया में छात्र संघ को लेकर घमासान, रजिस्ट्रार के बयान से बढ़ा विवाद

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ गया। छात्रों ने टेंट तोड़ने और धरना खत्म कराने की कोशिश का आरोप लगाया, जबकि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बाहरी लोगों पर माहौल खराब करने का दावा किया। विवाद के बीच क्लासेज ऑनलाइन कर दी गईं। जानें छात्रों की तीन प्रमुख मांगें।

Jamia Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 24, 2026

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Jamia Protest: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन शनिवार को तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन पर टेंट तोड़ने और उन्हें धरने से हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने कुछ बाहरी लोगों पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया। विवाद के बीच क्लासेज ऑनलाइन कर दी गई हैं।

छात्र संघ की मांग पर कैंपस में तनाव

छात्र संघ की मांग पर कैंपस में तनाव

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की बहाली को लेकर 12 अक्टूबर से विरोध-प्रदर्शन जारी है। शनिवार, 24 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें धरना स्थल से हटाने की कोशिश की गई और उनके टेंट भी तोड़ दिए गए। घटना के बाद कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्लासेज ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

बातचीत के दौरान टेंट तोड़ने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, शनिवार को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करने पहुंचा था। इसी दौरान आरोप लगा कि प्रदर्शन स्थल पर लगे टेंट को हटाने और तोड़ने की कार्रवाई की गई। छात्र संगठनों ने प्रशासन पर जबरन प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

रजिस्ट्रार ने कांग्रेस नेताओं पर लगाए आरोप

जामिया के रजिस्ट्रार मेहताब आलम रिजवी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद दीवार फांदकर परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने माहौल खराब किया। रजिस्ट्रार के मुताबिक, कुछ बाहरी लोग छात्रों को उकसा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से शिकायत की है। ये आरोप रजिस्ट्रार की ओर से लगाए गए हैं; संबंधित नेताओं का पक्ष भी सामने आना जरूरी है।

छात्र बोले- हमें प्रदर्शन स्थल से हटाया जा रहा

छात्र संगठन फ्रेटरनिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एडिशनल जनरल सेक्रेटरी फरहान इसराइल ने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रदर्शन स्थल को हटाने और छात्रों को वहां से खदेड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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छात्र बोले- हमें प्रदर्शन स्थल से हटाया जा रहा

फरहान के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगें हैं। इनमें छात्र संघ की बहाली, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना और प्रॉक्टर तथा सिक्योरिटी एडवाइजर के इस्तीफे की मांग शामिल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को अस्पताल ले जाकर उनका आंदोलन खत्म कराने की तैयारी की जा रही है।

भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को लेकर बढ़ा विवाद

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कुछ छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं और प्रशासन उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाना चाहता है। फरहान इसराइल ने दावा किया कि एक टेंट तोड़ दिया गया है, जबकि छात्र दूसरे टेंट में बैठकर विरोध जारी रखे हुए हैं। इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

प्रदर्शन को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप

प्रदर्शनकारी छात्र फरहान इसराइल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पोस्टर और विवादित संदेशों के जरिए आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ‘फ्री कश्मीर’ लिखे जाने से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

छात्रों ने बताईं अपनी तीन मांगें

एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्र जावेद अली खान ने भी छात्र संघ की बहाली, किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और प्रॉक्टर व सिक्योरिटी एडवाइजर के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि आंदोलन को पूर्व छात्रों और दूसरे लोगों का समर्थन मिल रहा है। जावेद ने प्रशासन पर प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रचने का आरोप भी लगाया।

फिलहाल, जामिया में छात्र संघ की बहाली को लेकर विवाद जारी है। छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या आंदोलन आगे बढ़ता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।