झारखंड में ITI नामांकन प्रक्रिया शुरू, 10 से 30 ट्रेड और संस्थानों का विकल्प मिलेगा

 रांची  राज्य के सरकारी, गैर सरकारी तथा पीपीपी मोड पर संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में नामांकन के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन में न्यूनतम 10 और अधिकतम 30 ट्रेड और संस्थानों का विकल्प दे सकेंगे। संस्थानों की शत-प्रतिशत सीटें भरने के लिए यह निर्णय लिया गया है ताकि अभ्यर्थियों के पास पर्याप्त विकल्प हो। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सोमवार को शुरू होगी। 25 जून तक ऑनलाइन आवेदन होगा, जबकि नामांकन के लिए 29 जून को पहली मेधा सूची प्रकाशित होगी। इसी आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी एवं

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Published On :

मई 31, 2026

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 रांची

 राज्य के सरकारी, गैर सरकारी तथा पीपीपी मोड पर संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में नामांकन के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन में न्यूनतम 10 और अधिकतम 30 ट्रेड और संस्थानों का विकल्प दे सकेंगे।

संस्थानों की शत-प्रतिशत सीटें भरने के लिए यह निर्णय लिया गया है ताकि अभ्यर्थियों के पास पर्याप्त विकल्प हो। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सोमवार को शुरू होगी।

25 जून तक ऑनलाइन आवेदन होगा, जबकि नामांकन के लिए 29 जून को पहली मेधा सूची प्रकाशित होगी। इसी आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी एवं गैर सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अलावा झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम-आइटीआइ, गोला, रामगढ़ में भी नामांकन होगा।

अधिकतम आयु 40 वर्ष
कुछ ट्रेड में नामांकन के लिए आवश्यक योग्यता 10वीं तथा कुछ ट्रेड के लिए आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। नामांकन के लिए एक अगस्त 2026 को न्यूनतम आयु 14 वर्ष तथा अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है।

बता दें कि राज्य के आइटीआई में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाती है। नामांकन के लिए मेधा सूची अर्हता कक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर तैयार की जाती है। सभी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाती है।

नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया www.iti.jharkhand.gov.in पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है। बताते चलें कि राज्य के कई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कई सीटें रिक्त रह जाती है।

संस्थानों की अधिक से अधिक सीटें भर सकें, इसके लिए कई चरणों की काउंसिलिंग आयोजित की जाती है। इसके बाद भी सीटें रिक्त रह जाती हैं। इससे निपटने के लिए ही अधिक विकल्प भरने की व्यवस्था की गई है।

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