Israel Lebanon Ceasefire : इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर 45 दिनों के लिए बढ़ा, वाशिंगटन में बनी सहमति

वाशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बेहद अहम बैठक के बाद इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे सीजफायर को अगले 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। जमीनी स्तर पर जारी छिटपुट हमलों के बीच आखिरकार दोनों देश इस बड़े राजनयिक समझौते के लिए कैसे राजी हुए, जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी।

Israel Lebanon Ceasefire

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 16, 2026

Israel Lebanon Ceasefire : पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी भीषण सैन्य संघर्ष और अशांति के बीच वैश्विक समुदाय के लिए एक बेहद राहत भरी और सकारात्मक खबर सामने आई है। लगातार बढ़ते तनाव के बीच यहाँ इजरायल और लेबनान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए आपसी सीजफायर (युद्धविराम) की अवधि को और आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय को लेकर अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में दोनों पक्षों के बीच एक उच्च स्तरीय और गहन रणनीतिक बातचीत का आयोजन किया गया था।

इस कूटनीतिक वार्ता के सफल समापन के बाद इजराइल और लेबनान दोनों ही देश अपने मौजूदा सीजफायर को अगले दिनों के लिए और आगे जारी रखने पर पूरी तरह सहमत हो गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने आधिकारिक तौर पर इस सीजफायर की तारीख बढ़ाए जाने की पुष्टि करते हुए इसकी विस्तृत जानकारी दुनिया के सामने रखी है। दरअसल, पहले से तय समझौते के तहत यह सीजफायर इसी रविवार को समाप्त होने वाला था, जिससे पहले ही इसे सर्वसम्मति से बढ़ा दिया गया।

वाशिंगटन में दो दिनों तक चली बेहद सार्थक और गहन कूटनीतिक वार्ता

अमेरिकी विदेश विभाग के आधिकारिक प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस पूरे घटनाक्रम पर रोशनी डालते हुए बताया कि युद्धविराम को बढ़ाने का यह ऐतिहासिक निर्णय दो दिनों तक चली बेहद गंभीर, सार्थक और सघन बातचीत के बाद ही संभव हो पाया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि शांति बहाली की यह प्रक्रिया यहीं नहीं रुकेगी, बल्कि इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए आगामी और जून को भी दोनों देशों के बीच अगले दौर की द्विपक्षीय बातचीत का आयोजन किया जाएगा।

आपको बता दें कि इजरायल और लेबनान के सशस्त्र हिजबुल्ला समूह के बीच जारी यह अस्थिर एवं नाजुक शांति संधि रविवार को खत्म होने की कगार पर थी, जिससे सीमा पर दोबारा युद्ध भड़कने का खतरा मंडरा रहा था। प्रवक्ता पिगोट ने सोशल मीडिया पर अपनी बात साझा करते हुए कहा, “हमें पूरी उम्मीद है कि वाशिंगटन में हो रही ये चर्चाएं दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की स्थापना करेंगी, साथ ही एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूर्ण मान्यता और उनकी साझा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक बढ़ावा देंगी।”

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर अभी भी तनाव बरकरार

एक तरफ जहां इजरायल और लेबनान की सीमा पर शांति की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका-इजरायल त्रिकोण के बीच कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर अभी भी भारी तनाव बना हुआ है। हालांकि, इस बीच एक और बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है, जहां डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रति अपनी वैश्विक सद्भावना और कूटनीतिक मर्यादा दिखाने के लिए ईरान के साथ एक अस्थाई सीजफायर पर अपनी सहमति जताई है।

उन्होंने इसके साथ ही ईरान के सैन्य ठिकानों पर किसी भी तरह की नई और अतिरिक्त बमबारी या हवाई हमलों की संभावना से पूरी तरह इनकार किया है। ज्ञात हो कि अमेरिका-इजरायल गठबंधन और ईरान के बीच इस साल फरवरी को सीधे युद्ध की शुरुआत हुई थी। इसके बाद, पिछले महीने अप्रैल से दोनों तरफ से किए जा रहे हमलों को उस समय अस्थाई रूप से रोक दिया गया था, जब सभी युद्धरत पक्ष पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक संक्षिप्त युद्धविराम समझौते पर राजी हुए थे। इस कदम से क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीदें बची हुई हैं।

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