Israel Iran War : इजराइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल ईरान के खिलाफ एक नए सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। यह कार्रवाई अमेरिका के साथ मिलकर या इजराइल की ओर से अकेले भी की जा सकती है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संभावित हमला अक्टूबर के अंत में इजराइल में होने वाले चुनावों से पहले किया जा सकता है।
ईरान के खिलाफ सैन्य तैयारी तेज
तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु एजेंसी ने इजराइली अखबार इजराइल हायोम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इजराइली सेना संभावित कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इस दौरान इजराइल और अमेरिकी सेना के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सैन्य सहयोग को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र के बीच तालमेल को मौजूदा तनाव के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

संभावित प्री-एम्पटिव स्ट्राइक की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल संभावित प्री-एम्पटिव स्ट्राइक यानी पहले हमला करने के विकल्प पर भी तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही ईरान की ओर से किसी संभावित सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इजराइली मीडिया के मुताबिक, ईरान का परमाणु कार्यक्रम अभी भी इजराइल के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा चिंताओं में शामिल है। इसी वजह से तेहरान की परमाणु गतिविधियों पर इजराइल की नजर बनी हुई है।
अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़ने की तैयारी
इजराइली मीडिया आउटलेट वाला ने भी अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर अहम दावा किया है। रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका मध्य पूर्व में संभावित तनाव बढ़ने की आशंका के बीच आने वाले हफ्तों में इजराइल में अतिरिक्त सैनिक और सैन्य विमान भेजने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि फिलहाल इजराइल में करीब 3,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।

एयर डिफेंस से लेकर लॉजिस्टिक्स तक तैनाती
रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल में मौजूद अमेरिकी सैनिकों में एयर डिफेंस से जुड़े जवानों के अलावा पायलट, सपोर्ट स्टाफ और लॉजिस्टिक्स तथा सप्लाई मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। आने वाले हफ्तों में इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी सैन्य विमान भी इजराइल पहुंच सकते हैं। इससे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिकी और इजराइली सेनाओं में बढ़ा तालमेल
वाला की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली सेना ईरान के साथ संभावित नए टकराव की स्थिति से निपटने की तैयारी जारी रखे हुए है। अगर क्षेत्रीय तनाव अचानक बढ़ता है तो इजराइल अपनी सैन्य तैयारियों को तेजी से सक्रिय कर सकता है। इस बीच इजराइली सेना अमेरिकी सेंट्रल कमांड के साथ लगातार करीबी समन्वय बनाए हुए है। दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग मौजूदा घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रहा है।

ईरान ने बातचीत का रास्ता खुला रखा
दूसरी ओर, ईरान की तरफ से कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने का संकेत दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि तेहरान बातचीत और कूटनीतिक प्रयास जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों का उद्देश्य किसी ऐसे समाधान तक पहुंचना है, जिसे सही और स्वीकार्य हल माना जा सके। इससे संकेत मिलता है कि ईरान सैन्य तनाव के साथ-साथ बातचीत का विकल्प भी खुला रखना चाहता है।
अमेरिका के सामने रखी गईं सात शर्तें
रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर के आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई बैठकों में ईरान ने कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी थीं। इन शर्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना भी शामिल बताया गया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान की शर्तों को स्वीकार नहीं किया। ऐसे में सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है।
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