Israel Gaza airstrike : पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल ने गाजा पट्टी में एक बार फिर बेहद भीषण और विनाशकारी हवाई हमला किया है। इस बार इजरायली वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के निशाने पर सीधे तौर पर हमास का सबसे बड़ा और मुख्य सैन्य कमांडर था। इजरायली सेना द्वारा गाजा में किया गया यह ताजा हमला सीधे तौर पर हमास के शीर्ष कमांडर इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को पूरी तरह खत्म करने के इरादे से अंजाम दिया गया। इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र और पश्चिम एशिया में एक बार फिर डर, दहशत और गहरी चिंता का माहौल बन गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक स्तर पर युद्धविराम (सीजफायर) लागू होने के बावजूद गाजा पट्टी की धरती पर ये खूनी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने की पुष्टि, मलबे में तब्दील हुई रिहायशी इमारत और गाड़ियां
इस हाई-प्रोफाइल सैन्य ऑपरेशन की खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और देश के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम इजरायल ने एक के बाद एक कम से कम दो बड़े और घातक हवाई हमले किए। पहला मिसाइल हमला गाजा शहर के व्यस्त रिमाल इलाके में स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत पर किया गया, जो देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।
इसके तुरंत बाद, पास की एक मुख्य सड़क पर तेजी से जा रहे एक संदिग्ध वाहन को भी इजरायली मिसाइल ने निशाना बनाकर हवा में उड़ा दिया। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में से लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हालांकि, मलबे और शवों की स्थिति को देखते हुए यह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो सका है कि मरने वालों में कमांडर हद्दाद शामिल है या नहीं।
7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड था अल-हद्दाद, इजरायल ने दी खुली चेतावनी
इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद इजरायल की मोस्ट वांटेड सूची में सबसे ऊपर शामिल है। वह अक्टूबर को इजरायल पर हुए वीभत्स आतंकवादी हमले का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड माना जाता है। मई में मोहम्मद सिनवार की मौत हो जाने के बाद, हमास ने अल-हद्दाद को ही अपने संगठन का नया सैन्य प्रमुख नियुक्त किया था। इजरायल का सीधा आरोप है कि वह हजारों बेकसूर इजरायली नागरिकों की बर्बर हत्या और उनके अपहरण के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त लहजे में खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अक्टूबर के नरसंहार में शामिल किसी भी गुनहगार को इजरायल कभी माफ नहीं करेगा और वे चाहे जहां छिप जाएं, आज नहीं तो कल इजरायली सेना उन तक पहुंच कर ही दम लेगी। दूसरी तरफ, हमास ने अपने कमांडर की स्थिति को लेकर फिलहाल पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
कागजों पर सिमटा शांति समझौता, अब तक 72 हजार से ज्यादा मौतें
आपको बता दें कि अक्टूबर में दोनों पक्षों के बीच अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बाद एक बेहद कमजोर और नाजुक शांति समझौता या युद्धविराम हुआ था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इस समझौते का जमीन पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है और दोनों ही पक्ष लगातार एक-दूसरे पर संघर्षविराम के नियमों को तोड़ने का मढ़ रहे हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस तथाकथित युद्धविराम के लागू होने के बाद से अब तक से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, जब से यह पूरा युद्ध शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक गाजा पट्टी में कुल से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल द्वारा हमास के शीर्ष नेतृत्व को चुन-चुनकर निशाना बनाए जाने से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापना की सभी वैश्विक उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।










