Israel Election Results 2026 : नेतन्याहू की सत्ता पर संकट, फिर भी अंतरिम प्रधानमंत्री बने रहने के आसार

इजरायल चुनाव 2026 के शुरुआती नतीजों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। उनके नेतृत्व वाला गठबंधन 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों से पीछे है। इसके बावजूद नई सरकार बनने तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

Israel Election Results 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 29, 2026

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Israel Election Results 2026 : इजरायल के आम चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, शुरुआती मतगणना के अनुमानों में उनका गठबंधन अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकॉट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन से आगे दिखाई दे रहा है। इस स्थिति के बावजूद नेतन्याहू की सत्ता पर तत्काल संकट का कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

120 सदस्यीय संसद में सीटों का क्या है गणित?

28 अक्टूबर 2026 तक सामने आए अनुमानों के अनुसार, इजरायल की 120 सदस्यीय संसद नेसेट में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिलने की संभावना जताई गई। वहीं, गादी आइजेनकॉट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिलने का अनुमान था। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में दोनों प्रमुख गठबंधन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गए हैं।

अरब दलों की बढ़ी ताकत, सरकार गठन में अहम भूमिका

इस चुनाव में अरब समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों को संयुक्त रूप से 19 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया है। यह आंकड़ा उन्हें सरकार गठन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में ला सकता है। विपक्षी गठबंधन को सत्ता तक पहुंचने के लिए इन दलों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, अरब दलों के साथ गठबंधन को लेकर इजरायल के कई यहूदी राजनीतिक नेताओं के बीच मतभेद हैं।

गादी आइजेनकॉट ने नेतन्याहू पर उठाए सवाल

विपक्षी नेता और इजरायल के पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकॉट ने कहा है कि नेतन्याहू फिलहाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों और सरकारी अधिकारियों से अपील की कि वे राजनीतिक दबाव के सामने अपने कर्तव्यों से समझौता न करें। आइजेनकॉट ने आशंका जताई कि नेतन्याहू राजनीतिक हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है।

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दो दशक से अधिक समय में सबसे ज्यादा मतदान

चुनाव में मतदान प्रतिशत लगभग 77.7 फीसदी दर्ज किया गया, जो दो दशकों से अधिक समय में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक, अरब मूल के इजरायली नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में मतदान किया। उनके वोटों का असर संसद में अरब दलों की बढ़ी हुई ताकत के रूप में दिखाई दे सकता है। इस बदलाव से सरकार गठन की बातचीत और अधिक जटिल होने की संभावना है।

कार्यवाहक सरकार के पास कितनी शक्तियां रहेंगी?

नई सरकार के गठन तक नेतन्याहू के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने की संभावना है। इजरायल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता गाइ लुरी के अनुसार, कार्यवाहक सरकार के पास सामान्य सरकार जैसी औपचारिक शक्तियां रहती हैं, लेकिन कुछ फैसलों में संयम बरतने की अपेक्षा की जाती है। सुरक्षा, विदेश नीति और ईरान से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सरकार की भूमिका इसलिए चर्चा में बनी रह सकती है।

क्या इजरायल में फिर हो सकते हैं चुनाव?

वर्तमान आंकड़ों के आधार पर सरकार गठन के लिए राजनीतिक दलों के बीच बातचीत निर्णायक होगी। विपक्ष को अरब दलों का समर्थन हासिल करना होगा, जबकि नेतन्याहू अपने गठबंधन के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकते हैं। यदि कोई भी पक्ष आवश्यक बहुमत नहीं जुटा पाता, तो राजनीतिक गतिरोध लंबा खिंच सकता है और भविष्य में दोबारा चुनाव की संभावना भी बन सकती है। हालांकि, अंतिम परिणाम और गठबंधन वार्ताओं के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।

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