Iran-Israel War Economic Crisis: ईरान-इजरायल युद्ध का आर्थिक संकट, इजरायल को हर हफ्ते 27,000 करोड़ का भारी नुकसान

इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण गोलाबारी ने इजरायली अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। 'रेड रिस्ट्रिक्शन्स' के कारण स्कूल, दफ्तर और बाजार बंद हैं, जिससे हर हफ्ते 9.4 बिलियन शेकेल का नुकसान हो रहा है। क्या बेंजामिन नेतन्याहू इस आर्थिक सुनामी को रोक पाएंगे या देश दिवालियापन की ओर बढ़ेगा?

Iran Nuclear Warning

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 5, 2026

Iran-Israel War Economic Crisis: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा हवाई युद्ध अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। दोनों देशों की ओर से मिसाइलों और ड्रोन के जरिए भीषण हमले जारी हैं, जिससे न केवल जानमाल की हानि हो रही है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी काले बादल मंडराने लगे हैं। इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाएं ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रही हैं, जबकि ईरान अकेले ही अपनी पूरी ताकत से पलटवार कर रहा है। युद्ध विराम की कोई भी पहल अब तक सफल नहीं हुई है, जिसके कारण इजरायल के भीतर आर्थिक अस्थिरता का खतरा पैदा हो गया है।

भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान: प्रति सप्ताह अरबों डॉलर की मार

इजरायल के वित्त मंत्रालय ने इस युद्ध से होने वाले आर्थिक नुकसान के डराने वाले आंकड़े पेश किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ईरान के साथ जारी इस भीषण संघर्ष के कारण इजरायल को हर हफ्ते लगभग 9 अरब शेकेल (करीब 2.93 अरब अमेरिकी डॉलर) का घाटा उठाना पड़ रहा है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 27,000 करोड़ रुपए प्रति सप्ताह बैठती है। यह भारी-भरकम राशि इजरायल की जीडीपी और राजकोषीय घाटे पर गहरा दबाव बना रही है। यदि यह जंग लंबी खिंचती है, तो इजरायल के लिए अपनी सैन्य और नागरिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो जाएगा।

आम जनजीवन और कामकाज पर पाबंदियां: ठप पड़ी व्यावसायिक गतिविधियां

इजरायल के ‘होम फ्रंट कमांड’ ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश में कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसका सीधा असर उत्पादकता पर पड़ा है। वर्तमान में केवल अति-आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को ही दफ्तर जाने की अनुमति है। स्कूल और कॉलेज पूरी तरह बंद हैं, और देश के रिजर्व सैनिकों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। अधिकांश लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) कर रहे हैं, जिससे व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियां लगभग ठप हैं। अनुमान है कि इन प्रतिबंधों के चलते अगले हफ्ते से आर्थिक नुकसान बढ़कर 9.4 अरब शेकेल प्रति सप्ताह तक पहुंच सकता है।

ऑरेंज अलर्ट की ओर कदम: नुकसान कम करने की सरकारी रणनीति

इजरायली वित्त मंत्रालय अब आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए कूटनीतिक और प्रशासनिक रास्तों पर विचार कर रहा है। मंत्रालय ने होम फ्रंट कमांड को सुझाव दिया है कि सुरक्षा प्रतिबंधों को ‘रेड’ (अत्यधिक सख्त) से घटाकर ‘ऑरेंज’ (मध्यम सख्त) श्रेणी में लाया जाए। यदि अगले 24 से 48 घंटों में यह बदलाव होता है, तो कई कार्यालय फिर से खुल सकेंगे और लोग दफ्तर लौट पाएंगे। इससे आर्थिक नुकसान को 9.4 अरब शेकेल से घटाकर 4.3 अरब शेकेल तक लाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सुरक्षा की अनिश्चितता को देखते हुए अभी अंतिम निर्णय का इंतजार है।

विकास दर पर अनिश्चितता के बादल: पुराने जख्म और नई चुनौतियां

यह पहली बार नहीं है जब इजरायल की अर्थव्यवस्था युद्ध की मार झेल रही है। इससे पहले हमास के साथ हुए संघर्ष ने भी आर्थिक ढांचे को काफी चोट पहुँचाई थी, जिससे देश अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था। हालांकि, 2025 में इजरायल की अर्थव्यवस्था ने 3.1% की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की थी और 2026 में इसके 5% से अधिक रहने का अनुमान था। लेकिन ईरान के साथ इस नए और बड़े मोर्चे ने पुराने अनुमानों को खतरे में डाल दिया है। वित्त मंत्रालय अब युद्ध की विभीषिका के बीच आर्थिक सुधार की नई रूपरेखा तैयार करने में जुटा है।

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