Sinking of IRIS Dena: ‘भारत के मेहमान’ पर बीच समंदर में अमेरिकी हमला, IRIS Dena वॉरशिप डूबने पर ईरान आगबबूला, दी चेतावनी!

विशाखापत्तनम में भारत के 'मिलन 2026' अभ्यास से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास टॉरपीडो से उड़ा दिया। 87 नाविकों की मौत के बाद ईरान के विदेश मंत्री ने कहा- "अमेरिका इस मिसाल पर बुरी तरह पछताएगा।" क्या यह हमला तीसरे विश्वयुद्ध की आहट है?

Sinking of IRIS Dena

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 5, 2026

Sinking of IRIS Dena: हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो से डुबोने के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ गया है। यह युद्धपोत भारत में आयोजित नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था। इस हमले को ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जल में किया गया गंभीर अपराध बताते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।

ईरान के विदेश मंत्री का कड़ा बयान

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पानी में ईरानी जहाज पर हमला करना “समंदर में किया गया बड़ा अपराध” है। अरघची ने यह भी बताया कि यह जहाज हाल ही में भारत के नौसैनिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था और इसमें लगभग 130 नाविक सवार थे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई का अमेरिका को “कड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा”।

श्रीलंका के पास हुआ हमला

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की एक पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में टॉरपीडो से निशाना बनाया। यह हमला श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हुआ। बता दें कि यह युद्धपोत भारत में हुए संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था। इस घटना को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अमेरिका ने टॉरपीडो से किसी दुश्मन जहाज को डुबोया है।

भारत के नौसैनिक अभ्यास में भाग ले चुका था IRIS Dena

IRIS Dena एक फ्रिगेट श्रेणी का युद्धपोत था, जो फरवरी 18 से 25 तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम का हिस्सा था। यह कार्यक्रम MILAN 2026 और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा था, जिसमें कई देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था। जहाज विशाखापट्टनम से लौट रहा था, और जैसे ही यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में पहुंचा, इस पर हमला कर दिया गया।

हमले में नुकसान की आशंका

इस हमले के बाद जहाज पर सवार करीब 80 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। श्रीलंका नेवी ने अब तक लगभग 30 नाविकों को बचाया है और उन्हें इलाज के लिए Galle के करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया है। इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने साझा किया है। ड्रोन फुटेज में देखा गया कि जहाज शांत समुद्र में सामान्य गति से आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक इसके पिछले हिस्से में जोरदार विस्फोट हुआ और पानी, आग और मलबे का बड़ा गुबार उठ गया।

ईरान-इजराइल संघर्ष से बढ़े तनाव

यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के कई प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया था, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की भी मौत हो गई थी। इसके बाद से ईरान ने कई देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, खासकर उन देशों पर जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व क्षेत्र में पहले से ही मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।

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