US-Iran Tension: ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर, अमेरिकी सेना ने IRGC बेस पर किया हमला

अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर हमला किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा था कि US के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है।

US-Iran Tension

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 26, 2026

US-Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के दौरान अमेरिका ने अचानक बड़ा कदम उठाया। अमेरिकी सेना ने ईरान की IRGC नावों और मिसाइल लॉन्च साइट्स पर हमला किया। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे डिफेंसिव एक्शन बताया और कहा कि यह कदम उनके सैनिकों को ईरानी सेना से पैदा होने वाले खतरों से बचाने के लिए उठाया गया।

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CENTCOM का बयान

CENTCOM के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिका चल रहे सीजफायर के दौरान संयम बरतते हुए अपनी सेना की रक्षा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले का निशाना बंदर अब्बास के पास का इलाका था, जो होर्मुज स्ट्रेट पर स्थित एक ईरानी नेवल बेस है।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि बंदर अब्बास में धमाकों की आवाज सुनने के बाद स्थानीय अधिकारी जांच कर रहे थे। हालांकि, ईरान ने अभी तक अमेरिका के इन हमलों का कोई जवाब नहीं दिया है। यह साफ नहीं है कि इन हमलों का असर दोनों देशों के बीच संभावित शांति समझौते पर क्या होगा।

बातचीत और प्रगति

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा कि US के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन लड़ाई खत्म करने के लिए कोई डील जल्द नहीं होने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा के तहत कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होंगे।

ट्रंप और अमेरिकी नेतृत्व की स्थिति

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि दोनों पक्ष डील के करीब हैं, लेकिन उन्होंने नेगोशिएटर्स को जल्दबाजी में समझौता न करने की सलाह दी। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया था कि सोमवार को एक एग्रीमेंट हो सकता है।

संभावित समझौते की शर्तें

खबरों के अनुसार जिस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर चर्चा हो रही है, उसमें 60 दिन का सीजफायर बढ़ाना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर आगे की बातचीत का प्लान शामिल है।

सीजफायर की स्थिति

अमेरिका और ईरान की सेनाओं ने 8 अप्रैल से सीजफायर किया हुआ है। इस दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए खाड़ी के जहाजों पर नियंत्रण बनाए रखा है, जबकि US नेवी ने ईरान के पोर्ट्स को ब्लॉक करने की कोशिश की है।

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