बेल्जियम से ड्रॉ के बाद ईरान टीम की अनोखी विदाई, ड्रेसिंग रूम में संदेश ने जीता दिल

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान ईरान फुटबॉस टीम ने एक ऐसा काम किया जिसकी जमकर सराहना की जा रही है। सोमवार यानि 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ करने के बाद इरानी खिलाड़ियों ने लॉस एंजलिस में स्थित सोफी स्टेडियम को भावुक तरीके से विदाई दी है। उनकी ओर से ड्रेसिंग रूम में एक नोट छोड़ा गया जिसको पढ़ने के बाद हर खेल और फुटबॉल प्रेमी का दिल खुशी और भावुकता से लबरेज हो जाएगा। ईरानी टीम ने छोड़ा खास नोट सोशल मीडिया पर ईरानी टीम का एक खास नोट सामने आया है। जिसमें उन्होंने

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Published On :

जून 22, 2026

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नई दिल्ली
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान ईरान फुटबॉस टीम ने एक ऐसा काम किया जिसकी जमकर सराहना की जा रही है। सोमवार यानि 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ करने के बाद इरानी खिलाड़ियों ने लॉस एंजलिस में स्थित सोफी स्टेडियम को भावुक तरीके से विदाई दी है। उनकी ओर से ड्रेसिंग रूम में एक नोट छोड़ा गया जिसको पढ़ने के बाद हर खेल और फुटबॉल प्रेमी का दिल खुशी और भावुकता से लबरेज हो जाएगा।

ईरानी टीम ने छोड़ा खास नोट
सोशल मीडिया पर ईरानी टीम का एक खास नोट सामने आया है। जिसमें उन्होंने लॉस एंजलिस से अपनी विदाई को भावुक मोड़ दिया है। नोट में समर्थकों को शुक्रिया कहने के साथ ही विश्व में शांति की अपील की है। नोट में लिखा , 'हजारों साल पुरानी प्राचीन फारस को लेकर आज के सभ्य ईरान तक भावना आज भी जीवित और अडिग है। आपकी मेहमाननवाजी के लिए बहुत शुक्रिया लॉस एंजलिस। हम गर्व के साथ यहां आए, सम्मान के साथ खेले और सम्माने के साथ ही विदा लेते हैं।'

ईरान का होम ग्राउंड बन गया लॉस एंजलिस
लॉस एंजलिस का मैदान एक तरह से ईरान टीम का होम ग्राउंड लग रहा था। लाखों की संख्या में ईरानी समर्थक अपनी टीम का सपोर्ट करने के लिए स्टेडियम में नजर आए। इसकी एक वजह ये भी है कि लॉस एंजलिस दुनिया के सबसे बड़े ईरानी समुदाय के गढ़ों में से एक है। फैंस को धन्यवाद करते हुए नोट में लिखा कि, 'हर उस ईरानी फैन का शुक्रिया जिसने खेल के 180 मिनटों में हमारा साथ नहीं छोड़ा। आपने अपनी आवाज और आत्मा से हमारा समर्थन किया।'

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान को हुई परेशानी
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर ईरान टीम के लिए आसान नहीं रहा। USA में प्रतिबंध के चलते खिलाड़ियों को 48 घंटे के ज्यादा रहने की अनुमति नहीं मिली। इसके कारण उन्हें अपना बेस मैक्सिको के तिजुआना शहर में बनाना पड़ा। इसके अलावा कुछ खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को वीजा संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा।

 

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