Iran Supreme Leader Attack: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के आवास पर हमला, 100 हमलावर गिरफ्तार, तेहरान में युद्ध जैसे हालात

ईरान की राजधानी तेहरान आज दहल उठी है। प्रदर्शनकारियों के एक बड़े गुट ने सीधे सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के आधिकारिक आवास को निशाना बनाया। सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ के बाद 100 हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे शहर में कर्फ्यू है और स्थिति गृहयुद्ध जैसी हो गई है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 25, 2026

Iran Supreme Leader Attack: ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सरकारी आवास पर एक भीषण हमले की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स मुजाहिदीन (MEK) नामक प्रतिबंधित संगठन ने ली है। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह पहला मौका है जब देश के सर्वोच्च नेता के निवास स्थान, जिसे ‘बेत-ए रहबरी’ कहा जाता है, को इतनी संगठित तरीके से निशाना बनाया गया है। यह हमला केवल एक सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि ईरानी शासन के अस्तित्व को सीधी चुनौती माना जा रहा है।

हमले का घटनाक्रम: आधुनिक हथियारों से लैस थे हमलावर

बीबीसी फारसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दुस्साहसिक कार्रवाई सोमवार, 23 फरवरी को अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि MEK के लगभग 250 सदस्य अत्याधुनिक और स्वचालित हथियारों से लैस होकर मध्य तेहरान स्थित खामेनेई के कार्यालय और आवास की ओर बढ़े। संगठन का दावा है कि उनके जांबाजों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए भीतर प्रवेश करने की कोशिश की। हालांकि, ईरान की आधिकारिक मेहर न्यूज एजेंसी ने अब तक केवल 4 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, लेकिन स्वतंत्र सूत्रों का कहना है कि स्थिति कहीं अधिक गंभीर है।

बंकर में पहुंचे खामेनेई, बेटे मोजतबा ने संभाली कमान

हमले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अयातुल्ला अली खामेनेई को तुरंत उनके आवास से हटाकर एक सुरक्षित बंकर में स्थानांतरित कर दिया गया है। फिलहाल उनके कार्यालय और निवास की सुरक्षा की कमान उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के हाथों में है। MEK का दावा है कि इस मुठभेड़ के दौरान उन्होंने कई ईरानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। हालांकि, ईरानी सरकार ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों ने इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है, जो शासन के भीतर व्याप्त बेचैनी को दर्शाता है।

पीपुल्स मुजाहिदीन (MEK): शाह के खिलाफ लड़ने वाले अब खामेनेई के दुश्मन

पीपुल्स मुजाहिदीन संगठन का इतिहास काफी पुराना और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इसकी स्थापना 1965 में शाह पहलवी के राजशाही शासन को उखाड़ फेंकने के लिए हुई थी। 1979 की क्रांति में इन्होंने अयातुल्ला खुमैनी का साथ दिया, लेकिन बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण इन्हें हाशिए पर धकेल दिया गया और प्रतिबंधित कर दिया गया। साल 2002 में यही वह संगठन था जिसने दुनिया को ईरान के गुप्त परमाणु कार्यक्रम की पहली भनक दी थी। वर्तमान में मैरियम रजावी के नेतृत्व में यह संगठन ईरान को एक धर्मनिरपेक्ष (Secular) राष्ट्र बनाने की मांग कर रहा है।

ईरानी शासन के लिए खतरे की घंटी

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आंतरिक असंतोष से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष की लंबे समय से अनुपस्थिति के बाद MEK का यह सक्रिय होना ईरानी शासन के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। संगठन का दावा है कि ईरान की सेना ने उनके 100 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और कई साथियों की हत्या कर दी गई है। यह घटना दर्शाती है कि तेहरान की दीवारों के भीतर अब सत्ता के खिलाफ असंतोष की ज्वाला भड़क उठी है।

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