ईरान ने सीजफायर की शर्तों को किया खारिज, होर्मुज को बंद करने और 45 दिन के युद्धविराम पर नहीं हुआ सहमति

तेहरान   ईरान और अमेरिका को एक मसौदा प्रस्ताव मिला है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही गई है ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकाला जा सके. पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये के मध्यस्थों की ओर से तैयार किया गया है, जो संघर्ष को रोकने के प्रयास में जुटे हैं. उनका मानना है कि 45 दिन की यह अवधि दोनों देशों के बीच व्यापक वार्ता के लिए पर्याप्त समय देगी, जिससे स्थायी युद्धविराम पर सहमति बन सके।  अधिकारियों ने

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Published On :

अप्रैल 6, 2026

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तेहरान 

 ईरान और अमेरिका को एक मसौदा प्रस्ताव मिला है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही गई है ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकाला जा सके. पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये के मध्यस्थों की ओर से तैयार किया गया है, जो संघर्ष को रोकने के प्रयास में जुटे हैं. उनका मानना है कि 45 दिन की यह अवधि दोनों देशों के बीच व्यापक वार्ता के लिए पर्याप्त समय देगी, जिससे स्थायी युद्धविराम पर सहमति बन सके। 

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव देर रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशिया में अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया, लेकिन अमेरिका की इस पर प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने होर्मुज को खोलने से लेकर 45 दिन के अस्थायी सीजफायर के लिए भी इनकार कर दिया है. ईरान के वरिष्ठ अधिकारी ने न्यू एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ईरान को लगता है कि अमेरिका परमानेंट सीजफायर नहीं करना चाहता। 

क्या है युद्धविराम की शर्तें?

  •     पहले चरण में करीब 45 दिन का युद्धविराम लागू करने का प्रस्ताव है, जिसके दौरान स्थायी शांति समझौते पर बातचीत होगी. अगर बातचीत के लिए और समय चाहिए हुआ, तो इस सीजफायर को बढ़ाया भी जा सकता है। 
  •     दूसरे चरण में युद्ध को पूरी तरह खत्म करने का अंतिम समझौता किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना और ईरान के उच्च स्तर के समृद्ध यूरेनियम का समाधान -जैसे उसे देश से बाहर भेजना या उसकी मात्रा कम करना, सिर्फ अंतिम समझौते के बाद ही संभव होगा। 
  • इस प्रस्ताव की शर्तों की जानकारी सबसे पहले समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने दी. ईरान का कहना है कि वह तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक उसे वित्तीय क्षतिपूर्ति और भविष्य में फिर से हमले न होने का आश्वासन नहीं मिल जाता। 

समझौता इतना भी आसान नहीं
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में अब तक किसी तरह के समझौते की सूरत नहीं बन पाई. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि कोई भी पक्ष अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है. युद्ध के 24वें दिन तक ट्रंप समझौते के मूड में थे, लेकिन एक बार फिर से वे काफी एग्रेसिव हो चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर बमबारी की धमकी दी है. ईरान भी लगातार कह रहा है कि वो अमेरिका के ग्राउंड ऑपरेशन का इंतजार कर रहा है। 

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध में अब तक किसी तरह के समझौते की सूरत नहीं बन पाई. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि कोई भी पक्ष अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है. युद्ध के 24वें दिन तक ट्रंप समझौते के मूड में थे, लेकिन एक बार फिर से वे काफी एग्रेसिव हो चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर बमबारी की धमकी दी है. ईरान भी लगातार कह रहा है कि वो अमेरिका के ग्राउंड ऑपरेशन का इंतजार कर रहा है। 

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