Iran Protest: ‘अल्लाह के दुश्मन’ हैं प्रदर्शनकारी, सरकार ने दी मौत की सजा देने की धमकी

ईरान में मौलाना शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी बीच अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को सख्त सजा दी जाएगी।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 11, 2026

Iran Protest: ईरान में मौलाना शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले दो हफ्तों से देशभर में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि प्रशासन ने कठोर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को “अल्लाह का दुश्मन” माना जाएगा और ईरानी कानून के तहत उन्हें मौत की सजा दी जा सकती है।

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ईरानी कानून की कठोर धाराएं

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‘अल्लाह के दुश्मन’ हैं प्रदर्शनकारी

ईरान के कानून में विरोध प्रदर्शनों को लेकर बेहद सख्त प्रावधान हैं।

धारा 186: अगर कोई समूह या संगठन इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सक्रिय होता है, तो उसके सभी सदस्य और समर्थक—even अगर वे सीधे प्रदर्शन में शामिल न हों—”मोहारेब” यानी ईश्वर का दुश्मन घोषित किए जा सकते हैं।

अनुच्छेद 190: इस धारा के तहत दोषी पाए गए लोगों को कठोर दंड दिया जा सकता है। इनमें मृत्युदंड, फांसी, दाहिना हाथ और बायां पैर काटना, या स्थायी आंतरिक निर्वासन शामिल हैं।

इन प्रावधानों से स्पष्ट है कि ईरान में सरकार विरोधी गतिविधियों को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है।

प्रदर्शन का समर्थन करने वालों पर भी सख्ती

ईरान के सरकारी टेलीविजन पर जारी बयान में कहा गया है कि केवल प्रदर्शनकारियों ही नहीं, बल्कि उनकी मदद करने वाले लोग भी कठोर सजा के भागीदार होंगे। अमेरिका की चेतावनियों के बीच जारी इस बयान में अभियोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना देरी किए आरोप तय करें और मुकदमे चलाएं। सरकार का कहना है कि जो लोग देशद्रोह और असुरक्षा फैलाकर विदेशी ताकतों को ईरान पर हावी करना चाहते हैं, उनके खिलाफ बिना किसी नरमी और दया के कार्रवाई की जाएगी।

ईरान में बिगड़ते हालात

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों में अब तक 65 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 2300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि तेहरान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और गुरुवार से फोन लाइनें भी ठप हैं। इससे आम नागरिकों के लिए संवाद करना मुश्किल हो गया है।

निर्वासित युवराज का आह्वान

ईरान से निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने भी प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है। उन्होंने लोगों से शनिवार और रविवार को सड़कों पर उतरने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे ईरान का पुराना शेर-सूर्य वाला झंडा और शाह के शासनकाल में इस्तेमाल किए जाने वाले राष्ट्रीय प्रतीकों को साथ लेकर सार्वजनिक जगहों पर अपना अधिकार जताएं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल मौजूदा शासन के खिलाफ ही नहीं, बल्कि ईरान की पहचान और स्वतंत्रता के लिए भी है।

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