Netanyahu Office Strike: ईरानी मिसाइल हमले में नेतन्याहू का कार्यालय तबाह? इजरायली पीएम की स्थिति पर सस्पेंस!

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत तेल अवीव स्थित इजरायली सरकारी परिसर पर घातक मिसाइलें दागी हैं। खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कार्यालय पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रधानमंत्री अभी कहाँ हैं और उनकी स्थिति क्या है, इसे लेकर भारी सस्पेंस बना हुआ है।

Netanyahu Office Strike

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 2, 2026

Netanyahu Office Strike:  इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। इस संघर्ष ने तब और भी भयानक रूप ले लिया जब ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने इजराइली सत्ता के केंद्र पर सीधा प्रहार किया है। ईरान की ओर से लगातार किए जा रहे जवाबी हमलों ने न केवल इजराइल बल्कि वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नजर आ रहे हैं।

बेंजामिन नेतन्याहू का कार्यालय और वायुसेना मुख्यालय निशाना

सोमवार को ईरान के IRGC ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए बताया कि उनके मिसाइल बेड़े ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। केवल कार्यालय ही नहीं, बल्कि इजराइली वायु सेना के कमान मुख्यालय (Air Force Command HQ) पर भी सटीक हमले किए गए हैं। ईरानी सेना का कहना है कि यह हमला इतना भीषण था कि इसके बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू की वर्तमान स्थिति के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। इजराइली रक्षा गलियारों में इस हमले के बाद हड़कंप मचा हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।

खैबर शेकान बैलिस्टिक मिसाइलों का तांडव

IRGC ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में इस ऑपरेशन की तकनीकी जानकारी साझा की है। बयान के अनुसार, हमले की “दसवीं लहर” के दौरान आधुनिक ‘खैबर शेकान’ (Khyber Shekan) बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया। इन मिसाइलों को विशेष रूप से इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय और इजराइली शासन के वायु सेना कमांडर के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए दागा गया था। खैबर शेकान मिसाइलें अपनी लंबी दूरी और सटीक मारक क्षमता के लिए जानी जाती हैं, जिससे इजराइल का मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Iron Dome) भी पूरी तरह निपटने में विफल रहा।

सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या का प्रतिशोध

ईरान और इजराइल के बीच यह खूनी संघर्ष उस समय और अधिक उग्र हो गया, जब एक अमेरिकी-इजराइली संयुक्त अभियान के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या कर दी गई। इस घटना ने ईरान के भीतर भारी आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके बाद तेहरान ने “भीषण प्रतिशोध” की कसम खाई थी। सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद ईरान ने अपनी पूरी सैन्य शक्ति झोंक दी है। तेहरान और उसके सहयोगी मिलिशिया समूहों ने अब संगठित होकर पूरे खाड़ी क्षेत्र में स्थित इजराइली शहरों और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश कर दी है।

वैश्विक स्थिरता पर मंडराता खतरा

इस युद्ध ने अब केवल दो देशों तक सीमित न रहकर एक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लिया है। इजराइल और अमेरिका के ठिकानों पर ईरान के हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता को भी खतरे में डाल दिया है। यदि नेतन्याहू की सुरक्षा को लेकर चल रही अटकलें सच साबित होती हैं, तो इजराइल की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया पूरी दुनिया को हिला सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है, जहाँ एक तरफ पश्चिमी देश इजराइल के साथ खड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय ताकतें ईरान के समर्थन में लामबंद हो रही हैं।

Read More : CUET PG 2026: परीक्षा से पहले सिटी इंटीमेशन स्लिप घोषित, जानें डाउनलोड स्टेप्स