Iran Israel War update: ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामनेई के पद संभालने के तुरंत बाद इजरायल पर मिसाइलों से हमला किया। इस हमले की जानकारी ईरान के स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB ने दी। IRIB ने अपने टेलीग्राम चैनल पर बताया कि “अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामनेई के नेतृत्व में कब्जे वाले इलाकों की तरफ मिसाइलों की पहली लहर दागी गई।”
मोजतबा खामनेई कौन हैं?

मोजतबा खामनेई का जन्म 8 सितंबर, 1969 को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में हुआ था, जो शिया इस्लाम का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है। वह अयातुल्ला अली खामनेई के छह बच्चों में से एक हैं। उनके पिता अली खामनेई ने तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान के सुप्रीम लीडर के रूप में कार्य किया। मोजतबा ने धीरे-धीरे राजनीतिक और धार्मिक संगठन में अपना प्रभाव बढ़ाया और अब 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद चुने गए दूसरे सुप्रीम लीडर बने हैं।
मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी कम उपस्थिति ने लंबे समय तक उनके अधिकार और शक्ति को लेकर अटकलें बढ़ाई। वर्तमान में 56 वर्ष की उम्र में मोजतबा खामनेई ईरान के धार्मिक और राजनीतिक दायरे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
धार्मिक शिक्षा और पादरी वर्ग में साख
मोजतबा खामनेई ने ईरान के पवित्र शहर कोम में इस्लामिक थियोलॉजी की पढ़ाई की। कोम शिया धार्मिक शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। उन्होंने वहां धार्मिक शिक्षा पूरी करने के बाद हुज्जत अल-इस्लाम का रैंक हासिल किया, जो उनके पिता के आयतुल्लाह रैंक के तहत आता है।
मोजतबा का पादरी होना और परिवार में पैगंबर मोहम्मद का वंशज (सेय्यद) होना उनकी धार्मिक साख को और मजबूत करता है। यह उनके ईरान में धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व के लिए आधार तैयार करता है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और कंजर्वेटिव एस्टैब्लिशमेंट से संबंध
मोजतबा खामनेई को लंबे समय से ईरान के शक्तिशाली सुरक्षा नेटवर्क और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से निकटता बनाए रखने वाला माना जाता रहा है। उनके इन संबंधों ने उन्हें देश के अंदरूनी और बाहरी सुरक्षा मामलों में निर्णायक शक्ति प्रदान की है।
ईरान के मौलवी और राजनीतिक ढांचे में उनकी यह स्थिति उन्हें धार्मिक, राजनीतिक और सैन्य निर्णयों में प्रमुख भूमिका निभाने का अवसर देती है। मोजतबा खामनेई का पद संभालते ही इजरायल पर मिसाइल हमला इस बात का संकेत है कि ईरान अब आक्रामक विदेश नीति अपनाने के लिए तैयार है।
मोजतबा खामनेई के सुप्रीम लीडर बनने के बाद ईरान का राजनीतिक और सैन्य परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। उनकी धार्मिक और राजनीतिक साख, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ निकट संबंध और परिवारिक पृष्ठभूमि उन्हें देश में शक्तिशाली और निर्णायक नेता बनाती है। इजरायल पर मिसाइल हमले ने वैश्विक सुरक्षा और मध्य पूर्व की स्थिति पर भी गंभीर असर डाल दिया है।










