Sanjay Raut On PM Narendra Modi: भारतीय जहाजों को मिला ‘सेफ पैसेज’, संजय राउत ने की पीएम मोदी से खास अपील

मिडिल ईस्ट में युद्ध के तनाव के बीच ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। इस कूटनीतिक राहत पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी से ईरान का सार्वजनिक आभार जताने की अपील की है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए यह घटनाक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Sanjay Raut On PM Narendra Modi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 14, 2026

Sanjay Raut On PM Narendra Modi: मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के तनाव के बीच भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक राहत की खबर आई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से भारतीय तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद देश में राजनीति भी गरमा गई है और शिवसेना (UBT) ने केंद्र सरकार को अंतरराष्ट्रीय शिष्टाचार की सलाह दी है।

संजय राउत ने की प्रधानमंत्री से ईरान को धन्यवाद देने की अपील

बताते चले कि, ईरान के इस सकारात्मक कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से ईरान के प्रति आभार व्यक्त करने का आग्रह किया। राउत ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यद्यपि भारत के इजरायल के साथ प्रगाढ़ संबंध हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में देश के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि ईरान संकट के इस समय में ‘मानवता’ और सहयोग का परिचय दे रहा है, तो भारत के प्रधानमंत्री को भी खुले मन से इस सहयोग को स्वीकार करना चाहिए और सार्वजनिक मंच से शुक्रिया अदा करना चाहिए।

तेहरान का भारत के प्रति मैत्रीपूर्ण रुख

ईरान की ओर से यह राहत ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर तनाव चरम पर है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट किया है कि तेहरान भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का हवाला देते हुए भारत को एक ‘करीबी साझेदार’ करार दिया। इस आश्वासन का असर धरातल पर दिखने लगा है; कच्चा तेल लेकर आ रहा पहला विदेशी ध्वज वाला टैंकर सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पार कर मुंबई बंदरगाह पहुंच चुका है, और अगले 48 घंटों में एक अन्य बड़े जहाज के पहुंचने की उम्मीद है।

क्यों महत्वपूर्ण है ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ का जलमार्ग?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक आयात पर अत्यधिक निर्भर है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक होने के नाते, भारत अपनी आवश्यकता का लगभग 88 प्रतिशत तेल विदेशी बाजारों से खरीदता है। प्रतिदिन की 5.8 मिलियन बैरल खपत में से लगभग 2.5 से 2.7 मिलियन बैरल तेल अकेले सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे खाड़ी देशों से आता है, जिसके लिए ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ एकमात्र रास्ता है।

आर्थिक स्थिरता का आधार

सिर्फ कच्चा तेल ही नहीं, बल्कि भारत की रसोई और उद्योगों के लिए आवश्यक 55 प्रतिशत एलपीजी (LPG) और 30 प्रतिशत एलएनजी (LNG) की आपूर्ति भी इसी समुद्री संकरे रास्ते से होती है। वर्तमान युद्ध की स्थितियों के कारण इस मार्ग पर आवाजाही बाधित होने से भारत में ईंधन संकट और महंगाई बढ़ने का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में ईरान का यह फैसला भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए किसी ‘संजीवनी’ से कम नहीं माना जा रहा है।