भारत की बड़ी तैयारी से ड्रैगन और पाक में हलचल, Su-57 से बदलेगा ताकत का संतुलन?

वाशिंगटन ऑपरेशन सिंदूर के महज कुछ महीनों बाद ही भारतीय रक्षा गलियारों में नई हलचल देखने को मिल रही है। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ यह ऑपरेशन भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष का एक बड़ा सबक बन गया, जहां स्टील्थ और डिटेक्शन की क्षमता ने युद्ध की दिशा तय की। अब सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि भारतीय वायु सेना अपनी ताकत को अगले स्तर पर ले जाने के लिए रूस के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट सुखोई Su-57 की खरीद पर गंभीरता से विचार कर रही है। NDTV की रिपोर्ट के

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Published On :

फ़रवरी 24, 2026

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वाशिंगटन
ऑपरेशन सिंदूर के महज कुछ महीनों बाद ही भारतीय रक्षा गलियारों में नई हलचल देखने को मिल रही है। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ यह ऑपरेशन भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष का एक बड़ा सबक बन गया, जहां स्टील्थ और डिटेक्शन की क्षमता ने युद्ध की दिशा तय की। अब सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि भारतीय वायु सेना अपनी ताकत को अगले स्तर पर ले जाने के लिए रूस के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट सुखोई Su-57 की खरीद पर गंभीरता से विचार कर रही है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, अगर डील आगे बढ़ी तो वायु सेना शुरुआत में 36 से 40 Su-57 जेट्स का ऑर्डर दे सकती है। यह कदम चीन के J-20 और संभावित पाकिस्तान को मिलने वाले स्टील्थ जेट्स के जवाब में एक मजबूत ब्रिज कैपेबिलिटी के रूप में देखा जा रहा है, खासकर जब भारत का अपना एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) 2035 के आसपास ही सेवा में आएगा।

दरअसल, हवाई युद्ध अब एक ऐसे दौर में पहुंच चुका है जहां युद्ध क्षमता से ज्यादा पता लगने (डिटेक्शन) की क्षमता निर्णायक साबित हो गई है। सुखोई Su-57 जैसे पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान उन्नत स्टील्थ क्षमताओं से युक्त हैं, जिससे दुश्मन सेनाओं के लिए इनका पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में कई स्टील्थ फीचर्स होते हैं, जैसे रडार से बचाव के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया एयरफ्रेम। यह फ्रेम रडार, अवशोषक सामग्री से बना होता है। इन अत्याधुनिक विमानों में 'कम दृश्यता' के लिए विशेष हथियार, उन्नत सेंसर फ्यूजन और सुपरक्रूज क्षमताएं भी शामिल होती हैं।

क्यों खास है 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर Su-57?
सुखोई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, Su-57 में कई विशेषताएं हैं। वेबसाइट में कहा गया है कि यह पांचवीं पीढ़ी का विमान एक पूरी तरह नए, गहन रूप से एकीकृत एवियोनिक्स सिस्टम से लैस है, जिसमें युद्ध उपयोग और बुद्धिमान चालक दल सहायता के लिए उच्च स्तर का स्वचालन है। विमान के ऑन-बोर्ड उपकरण इसे न केवल स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम बनाते हैं, बल्कि जमीनी नियंत्रण प्रणालियों के साथ तथा टास्क फोर्स के हिस्से के रूप में वास्तविक समय में डेटा का आदान-प्रदान करने में भी सक्षम बनाते हैं।

सुखोई के अनुसार, यह जेट हवा से हवा और हवा से सतह पर मार करने वाले विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद का इस्तेमाल कर सकता है, जिससे यह लड़ाकू और हमलावर दोनों भूमिकाएं निभा सकता है। रडार, इन्फ्रारेड और दृश्य तरंगदैर्ध्य में कम दृश्यता के कारण Su-57 गुप्त (स्टील्थ) कार्रवाई करने में सक्षम है। Su-57 की सहायक विद्युत इकाई के बारे में बताया गया है कि यह उच्च तैनाती स्वायत्तता प्रदान करती है, जमीनी परीक्षण के दौरान कम ईंधन खपत करती है और मुख्य इंजनों के जीवनकाल को बचाती है। सुखोई ने कहा है कि विमान में लगी ऑक्सीजन निष्कर्षण इकाई भी विमान के संचालन की उच्च स्वायत्तता सुनिश्चित करती है। जनरेटर-प्रकार की तटस्थ गैस प्रणाली वाली विस्फोट-रोधी ईंधन टैंक प्रणाली अन्य उपायों के साथ मिलकर विमान की उच्च स्तरीय युद्ध क्षमता सुनिश्चित करती है।

 

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