Captain Smit Machchhar : इजरायल करेगा भारतीय पायलट का सम्मान, घायल होने के बावजूद बचाई 174 लोगों की जान

फ्लाईदुबई के कॉकपिट में सह-पायलट के हमले से विमान में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल भारतीय कैप्टन स्मित माछर ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और यात्रियों को मदद का मौका दिया। अब इजरायल उन्हें सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान देगा। आखिर उन्होंने संकट के उस पल में कैसे बचाईं इतनी जानें?

Captain Smit Machchhar

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

Captain Smit Machchhar : फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कैप्टन स्मित माछर पर उनके सह-पायलट हम्माम अल-हमामी ने हमला कर दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर ने विमान में मौजूद आपातकालीन कुल्हाड़ीनुमा औजार से कैप्टन को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद विमान का नियंत्रण बिगड़ने लगा और यात्रियों की जान पर खतरा मंडराने लगा।

घायल पायलट ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

गंभीर चोटों और खून बहने के बावजूद कैप्टन माछर ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का अवसर मिला। यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित पायलटों की मदद से स्थिति संभाली गई। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस घटना की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।

इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने की सम्मान की घोषणा

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने घोषणा की है कि कैप्टन माछर के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें राष्ट्रपति नागरिक वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। यह सम्मान असाधारण साहस दिखाने वाले नागरिकों को प्रदान किया जाता है। राष्ट्रपति ने कहा कि कैप्टन की बहादुरी और पेशेवर सूझबूझ ने बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पांच इजरायली नागरिकों को भी मिला सम्मान

इस घटना के दौरान हमलावर को काबू करने और विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले इजरायली नागरिकों को भी सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति हर्जोग ने यात्रियों के साहस और दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरा उठाने की सराहना की। उनकी त्वरित कार्रवाई ने चालक दल को विमान पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने में मदद की।

प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू भी कर चुके हैं तारीफ

कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी प्रशंसा कर चुके हैं। अस्पताल से बातचीत के दौरान कैप्टन ने बताया था कि उन्हें यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगानी पड़ी। इस घटना ने विमानन सुरक्षा और कॉकपिट में चालक दल की सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।

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