भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर अभी मुहर नहीं, सरकार ने कहा– बातचीत जारी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक डील को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच हुई डील पर अभी मुहर नहीं लगी है। यह डील तब अपने मूर्त रूप में आएगी, जब अमेरिका में नए टैरिफ ढांचे लागू हो जाएंगे। बता दें, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ फैसलों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सोमवार को व्यापारिक आंकड़ों

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Published On :

मार्च 16, 2026

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नई दिल्ली
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक डील को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच हुई डील पर अभी मुहर नहीं लगी है। यह डील तब अपने मूर्त रूप में आएगी, जब अमेरिका में नए टैरिफ ढांचे लागू हो जाएंगे। बता दें, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ फैसलों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

सोमवार को व्यापारिक आंकड़ों पर ब्रीफिंग देते समय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि नई डील पर हस्ताक्षर नए टैरिफ ढांचे के लागू हो जाने के बाद ही होंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अग्रवाल ने कहा कि कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन इस समय व्यापार समझौते के विवरणों पर बातचीत कर रहे हैं।

क्या है मामला?
दरअसल, लंबी बातचीत और तमाम उठापटक के बाद भारत और अमेरिका के बीच में एक व्यापारिक डील पर सहमति बनी थी। इस पर दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने दावे किए थे। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही अमेरिकी सुप्रीम कोकर्ट ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित करके रद्द कर दिया। हालांकि, इसके कुछ घंटो बाद ही ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए अमेरिका में आने वाले सामान पर सार्वभौमिक रूप से 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा कर दी। बाद में उन्होंने इसे 15 फीसदी तक बढ़ा दिया। लेकिन इसके साथ समस्या यह है कि यह टैरिफ एक निश्चित समय के लिए ही लागू होगा।

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इस वजह से भारत जैसे देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को अभी फाइनल करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना ज्यादा सही समझा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इन देशों पर दबाव बनाने के लिए कई कदम उठाने की कोशिश भी की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगे झटके के बाद ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ दबाव फिर से बनाने की कोशिश की। हाल ही में उन्होंने भारत और 15 अन्य देशों के खिलाफ "अनफेयर मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस" की जांच करने की घोषणा की है। यह कदम ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत की जाने वाली जांच कहलाता है।

अमेरिकी संविधान के मुताबिक अगर कोई देश अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त पाया जाता है, तो अमेरिकी सरकार उन पर नए टैरिफ लगाने, आयात रोकने और व्यापार समझौते में दी गई रियायतों को निलंबति करने की शक्ति हासिल कर लेती है।

 

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