India-US Trade Deal: “दोस्त, दोस्त न रहा…”भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस नेता ने कसा तंज

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि डील में भारत के किसानों और IT सेक्टर के हितों पर असर पड़ सकता है। “दोस्त, दोस्त न रहा…” – जयराम रमेश ने मोदी-ट्रंप के समझौते पर तंज कसा।

India-US Trade Deal

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 7, 2026

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश नें इस डील के चलते डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी को आडे हाथ लेते हुए जमकर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटऑर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए समझौते को लेकर कुछ मुख्य बातों पर अपनी राय रखीं, लेकिन जो जानकारी सामने आई हैं, वह भारत के हितों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।

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रूस से तेल आयात पर रोक की आशंका

आपको बता दें कि, जयराम रमेश का दावा है कि इस समझौते के बाद भारत अब रूस से तेल आयात नहीं कर पाएगा। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल खरीदेगा, तो उस पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क लगाया जा सकता है। कांग्रेस नेता का कहना है कि यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वतंत्र विदेश नीति पर दबाव डालने जैसा है।

किसानों के हितों पर सवाल

https://x.com/Jairam_Ramesh/status/2019984828880581054?s=20

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस डील से भारतीय किसानों को नुकसान होगा। उनके अनुसार, भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात पर शुल्कों में बड़ी कटौती करेगा, जिससे घरेलू किसानों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर होगी। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा बताया।

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व्यापार संतुलन पर असर

जयराम रमेश का कहना है कि इस समझौते के बाद अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात लगभग तीन गुना तक बढ़ सकता है। इससे भारत का वस्तुओं के व्यापार में लंबे समय से बना हुआ सरप्लस खत्म हो जाएगा। उन्होंने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत बताया।

आईटी और सेवा क्षेत्र में अनिश्चितता

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इस डील में सेवा क्षेत्र को लेकर कोई ठोस गारंटी नहीं दी गई है। भारतीय आईटी कंपनियों और पेशेवरों के लिए अमेरिका में भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। उनके अनुसार, सेवा निर्यात को लेकर स्पष्टता का अभाव भारतीय कंपनियों के लिए चिंता का विषय है।

भारतीय निर्यात पर बढ़े शुल्क

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भारतीय वस्तु निर्यात को अब अमेरिका में पहले की तुलना में ज्यादा शुल्कों का सामना करना पड़ेगा। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर हो सकती है और वैश्विक बाजार में उनकी स्थिति प्रभावित होगी।

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राजनीतिक तंज और कटाक्ष

अपने पोस्ट के अंत में जयराम रमेश ने सरकार पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि इतनी झप्पियों और फोटो-ऑप्स का कोई खास नतीजा नहीं निकला। उनके अनुसार, “नमस्ते ट्रंप” पर “हाउडी मोदी” भारी पड़ गया और दोस्त, दोस्त न रहा। उनकी यह टिप्पणी सरकार की अमेरिका नीति पर सीधा राजनीतिक हमला मानी जा रही है।