India Ukraine Ceasefire: भारत के प्रस्ताव को यूक्रेन ने बताया सबसे व्यापक, सिबिहा ने रखी ये शर्तें

रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच भारत के प्रस्ताव पर कीव का बड़ा जवाब आया है। विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भारत के प्रस्ताव को सबसे व्यापक बताया। यूक्रेन युद्धविराम के अलग-अलग प्रारूपों पर विचार को तैयार है, लेकिन ऊर्जा और बंदरगाहों पर हमले रोकने समेत ब्लैक सी को भी शामिल करना चाहता है।

India Ukraine Ceasefire

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

Advertisements
728x90-Kanya-Sumangla-Mission-Shakti-Digital
India Ukraine Ceasefire : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे संघर्ष के पांचवें साल में प्रवेश करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी सिलसिले में यूक्रेन के विदेश मंत्री अंदरी सिबीहा ने नाटो महासचिव के चीफ ऑफ स्टाफ जेफ्री वान लीवेन से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान रूस के निरंतर जारी ड्रोन और मिसाइल हमलों से यूक्रेनी शहरों की सुरक्षा, नाटो के साथ आपसी सहयोग तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नाटो अधिकारी को दिए रूस के हमलों के आंकड़े

यूक्रेन की प्रमुख न्यूज वेबसाइट ‘Eurointegration’ से मिली जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री अंदरी सिबीहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बैठक की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने नाटो अधिकारी जेफ्री वान लीवेन को रूस द्वारा किए जा रहे हालिया हवाई हमलों के बारे में पूरी स्थिति से अवगत कराया। सिबीहा ने बताया कि रूसी सेना अब नए जेट चालित ‘शाहेद ड्रोन’ का भी आक्रामक रूप से इस्तेमाल कर रही है, जिससे यूक्रेन के समक्ष अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने की चुनौती और अधिक गंभीर हो गई है।

कीव में जारी किए गए 230 से अधिक एयर-रेड अलर्ट

यूक्रेनी विदेश मंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि रूस के इन घातक हवाई हमलों का दायरा और असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अकेले सितंबर महीने के दौरान यूक्रेन की राजधानी कीव में 230 से अधिक बार एयर-रेड चेतावनियां जारी करनी पड़ीं। इन लगातार चेतावनियों के बीच आम नागरिकों को संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचने के लिए मजबूरन बंकरों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। यही वजह है कि यूक्रेन लगातार अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को और अधिक आधुनिक बनाने की मांग कर रहा है।

नाटो देशों की सुरक्षा पर भी जताई गंभीर चिंता

बैठक के दौरान अंदरी सिबीहा ने यह भी रेखांकित किया कि रूस की आक्रामक सैन्य गतिविधियों के परिणाम केवल यूक्रेन की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। उनके अनुसार, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और लगातार उकसावे की कार्रवाई करने से नाटो के सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। यूक्रेन का स्पष्ट मानना है कि संपूर्ण यूरो-अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उसकी वर्तमान सैन्य स्थिति बेहद अहम है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का दायरा और बढ़ाना जरूरी है।

सीजफायर और शांति का प्रस्ताव

इस बीच युद्ध को तत्काल रोकने और संघर्षविराम की दिशा में सार्थक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए भारत, तुर्की, मिस्र और अमेरिका की ओर से शांति प्रस्तावों पर चर्चा तेज हो गई है। यूक्रेनी विदेश मंत्री के बयानों के अनुसार, इनमें से भारत की शांति पहल को एक सबसे व्यापक और ठोस प्रस्ताव के रूप में देखा जा रहा है। कीव ने भी सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि वह देश में स्थाई शांति स्थापित करने के उद्देश्य से इन तमाम विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत के प्रस्ताव को मिला सकारात्मक रुख

यूक्रेन ने विशेष रूप से ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और काला सागर क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने से जुड़े भारत के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए सकारात्मक रुख दिखाया है। युद्ध के दौरान ऊर्जा संयंत्रों और अन्य अहम नागरिक संस्थानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। ऐसे में ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा और काला सागर मार्ग पर स्थिरता को लेकर किसी भी संभावित समझौते को इस संघर्ष के समाधान की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।