India Nepal border Trade: नेपाल के भारत सीमा से सटे शहर बीरगंज में सरकार के नए कस्टम नियमों के खिलाफ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह शहर भारत-नेपाल सीमा पर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र माना जाता है। नए नियमों के लागू होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और कई जगह प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
नया कस्टम नियम क्या है?
नेपाल सरकार ने एक नया प्रावधान लागू किया है, जिसके अनुसार भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये (लगभग 63 भारतीय रुपये) से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी देना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह सीमा काफी लचीली थी, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अवैध आयात को रोकना और राजस्व बढ़ाना है।
स्थानीय लोगों की परेशानी
सीमा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस फैसले से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। भारत और नेपाल के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग अक्सर खाने-पीने का सामान, कपड़े, उर्वरक और घरेलू वस्तुएं भारत से खरीदते हैं क्योंकि वहां ये चीजें सस्ती मिलती हैं। अब टैक्स बढ़ने से इन वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। एक स्थानीय प्रदर्शनकारी ने बताया कि नेपाल में जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक कई जरूरी सामान भारत से लाए जाते हैं। ऐसे में यह नया नियम लोगों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी बाधा बन रहा है।
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सीमा पर बढ़ी सख्ती और निगरानी
नए नियम को लागू करने के लिए नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल, कस्टम विभाग और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने सीमा चौकियों पर जांच बढ़ा दी है। अब यात्रियों के सामान की सख्त जांच की जा रही है, जिससे कई जगह लंबी कतारें लग रही हैं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार का पक्ष
नेपाल सरकार का कहना है कि यह कोई नया कानून नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद कस्टम नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इसका मकसद राजस्व में हो रहे नुकसान को रोकना और सीमा पार होने वाली तस्करी पर नियंत्रण पाना है। सरकार ने इसे “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत लागू किया है।
भारत-नेपाल सीमा व्यापार पर असर
भारत और नेपाल के बीच सीमावर्ती व्यापार लंबे समय से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। लेकिन नए नियमों के कारण इस पारंपरिक व्यापारिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इससे न सिर्फ सामान महंगा हो गया है, बल्कि सीमा पार आवागमन भी मुश्किल हो गया है।









