LPG Crisis: मिडिल ईस्ट संकट के बीच मोदी सरकार का तोहफा! प्रवासी मजदूरों को मिलेगा दोगुना गैस सिलेंडर

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 5 किलो FTL सिलेंडर की दैनिक आपूर्ति दोगुनी करने का निर्देश दिया है। साथ ही, होर्मुज जलमार्ग में फंसे 7 भारतीय एलपीजी टैंकर 6.5 लाख टन गैस लेकर भारत पहुंच गए हैं, जिससे सप्लाई चेन मजबूत हुई है।

LPG Crisis

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 7, 2026

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध को एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, जिसका सीधा असर एशियाई देशों में ईंधन और रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति पर पड़ा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है। इस संकटपूर्ण स्थिति के बीच, भारत की केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया है, ताकि युद्ध के कारण उत्पन्न हुई किल्लत का असर गरीब तबके पर न पड़े।

प्रवासी श्रमिकों के लिए राहत

बताते चले कि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो के ‘फ्री ट्रेड एलपीजी’ (FTL) सिलेंडर की दैनिक सप्लाई को दोगुना करने का निर्देश दिया है। विभाग के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने इस संबंध में सभी राज्यों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्य सरकारें अपने नागरिक आपूर्ति विभाग (Civil Supply Department) के माध्यम से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ तालमेल बिठाएं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनौतीपूर्ण समय में भी जरूरतमंदों और दिहाड़ी मजदूरों तक समय पर रसोई गैस पहुंच सके।

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों की वापसी

आपको बता दे कि, ईरान-इजरायल युद्ध के कारण सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में फंसे भारतीय मालवाहक जहाजों की स्थिति अब सुधर रही है। राहत की खबर यह है कि अब तक कुल 7 बड़े एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं। इनमें शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस, जग वसंत, बीडब्ल्यू टीवाईआर, बीडब्ल्यू ईएलएम और ग्रीन सांवरी जैसे प्रमुख जहाज शामिल हैं। ये टैंकर अपने साथ लगभग 6.5 लाख टन एलपीजी लेकर आए हैं, जिससे घरेलू बाजार में गैस की किल्लत काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

घरेलू रसोई गैस उत्पादन में 36% की वृद्धि

भारत अपनी कुल एलपीजी आवश्यकता का लगभग 85-90% हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा भाग होर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरता है। युद्ध के कारण इस रूट पर उपजे तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति बदल दी है। सप्लाई चेन को अटूट बनाए रखने के लिए देश के भीतर घरेलू एलपीजी उत्पादन में 36% का इजाफा किया गया है। वर्तमान में सरकार के प्रबंधों के कारण देश में रोजाना लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है। सरकार अन्य देशों से भी आयात बढ़ाने और वैकल्पिक मार्गों की तलाश में जुटी है ताकि ईंधन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।