INDIA block meeting : 8 जून को दिल्ली में जुटेगा विपक्ष, क्या राहुल-ममता बदलेंगे देश की सियासत?

दिल्ली के सियासी गलियारों में 8 जून को एक ऐसी हलचल होने जा रही है, जो पूरे देश की राजनीति की दिशा बदल सकती है। राहुल गांधी और ममता बनर्जी की अगुवाई में जुटने वाला विपक्ष आखिर बंद कमरों में कौन सी रणनीति तैयार कर रहा है? क्या यह सत्ता की नींव हिला देगा?

INDIA block meeting

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 2, 2026

INDIA block meeting : विपक्षी गठबंधन इंडिया (I.N.D.I.A) ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं की आगामी 8 जून को देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक में विपक्षी राजनीति के कई बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आ सकते हैं। बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल हो सकते हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए विपक्षी एकजुटता को एक नया और मजबूत ढांचा देना है।

विधानसभा चुनाव के नतीजों और आंतरिक मुद्दों पर होगी चर्चा

इस बैठक के दौरान देश के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों और कई राज्यों में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यह बैठक बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। इसके अलावा, बैठक में कुछ क्षेत्रीय और आंतरिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर हुए कथित हमलों और राजनीतिक हिंसा का मुद्दा इस बैठक में रख सकती हैं। ममता बनर्जी इस गंभीर मसले पर इंडिया ब्लॉक के अन्य सहयोगी दलों का नैतिक और राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगी।

DMK और AAP की दूरी: गठबंधन के भीतर बदलते समीकरण

इस बैठक में कुछ दलों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा टीवीके (TVK) को समर्थन दिए जाने के बाद द्रमुक (DMK) के इस बैठक में शामिल होने की संभावना बहुत कम है। हालांकि, गठबंधन के कुछ नेता टीवीके को इस बैठक का हिस्सा बनाने के प्रयासों में जुटे हैं। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहले ही सार्वजनिक मंचों से इस गठबंधन से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया था, जिसके कारण वह भी इस बैठक से नदारद रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दो बड़े दलों की अनुपस्थिति और नए दलों को जोड़ने की कोशिशों से गठबंधन के भीतर एक नया समीकरण आकार ले रहा है।

नीतीश कुमार की अगुआई में 2023 में रखा गया था आधार

गौरतलब है कि विपक्षी एकजुटता की इस मुहिम यानी इंडिया ब्लॉक की शुरुआत साल 2023 में हुई थी। इस गठबंधन की सबसे पहली और ऐतिहासिक बैठक 23 जून 2023 को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित की गई थी। उस समय बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस बैठक की मेजबानी और अगुआई की थी, जिसमें देश के 15 प्रमुख विपक्षी दल एक साथ आए थे। इस शुरुआती बैठक का एकमात्र और मुख्य एजेंडा साल 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का मिलकर मुकाबला करना और विपक्ष को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना था।

लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गठबंधन का प्रदर्शन

बीते लोकसभा चुनावों में इंडिया ब्लॉक को कुल 234 सीटें हासिल हुई थीं, जो बहुमत के आंकड़े (272) से कुछ दूर रह गईं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस को 99 सीटें, समाजवादी पार्टी को 37 सीटें और तृणमूल कांग्रेस को 29 सीटें मिली थीं। हालांकि, हालिया महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इस गठबंधन को करारा झटका लगा है। महाराष्ट्र में विपक्ष के महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस कर रही थी, लेकिन वहां की 288 सीटों में से यह गठबंधन महज 45 सीटों पर सिमट गया, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 230 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की। इसी हार और बदलते परिदृश्य को देखते हुए राहुल गांधी ने सितंबर 2025 में अपने दिल्ली स्थित आवास पर एक डिनर मीटिंग भी की थी, जिसे केसी वेणुगोपाल ने सफल बताया था। अब 8 जून की बैठक भविष्य की दिशा तय करेगी।

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