India Bloc meeting: ‘इंडिया गठबंधन’ की हालिया बैठक में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चौतरफा घेरने का खाका खींचा। बैठक के दौरान उन्होंने विदेश नीति, विशेषकर पश्चिम एशिया संकट पर भारत के अस्पष्ट रुख की कड़ी आलोचना की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुई हालिया डील्स में किसानों के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है और सरकार ने उन्हें एक प्रकार से ‘बेच’ दिया है। यह बयान सरकार के कूटनीतिक और आर्थिक निर्णयों पर विपक्ष की बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है।
आर्थिक मोर्चे पर विफलता और युवाओं के आक्रोश का दावा
बताते चले कि, राहुल गांधी ने मोदी सरकार को आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह ‘फेल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और चरम सीमा पर बेरोजगारी के कारण देश की जनता में भारी गुस्सा है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को सरकार की घोर लापरवाही बताते हुए राहुल ने दावा किया कि युवाओं के भविष्य के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने भविष्यवाण की कि यदि सरकार का यही रवैया रहा, तो एक साल के भीतर मोदी जी प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे। राहुल ने संसद से लेकर सड़क तक इन मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
विपक्ष की एकजुटता और केंद्र के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन
आपको बताते चले कि, बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि विपक्ष अपनी सभी आंतरिक भिन्नताओं को दरकिनार कर एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़े। उन्होंने ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं से संगठित होकर जनहित के मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का आग्रह किया। बैठक में परिसीमन (डीलिमिटेशन) के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों ने अपनी एकजुटता और राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्षी दल अब किसी भी मुद्दे पर सरकार को आसान रास्ता देने के मूड में नहीं हैं।
संजय राउत का ‘प्रधानमंत्री चेहरा’ और रणनीति का खुलासा
बैठक के एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि यह बैठक 2029 लोकसभा चुनाव की दूरगामी रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई थी। राउत ने साफ किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन में राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर कोई संशय नहीं है और पूरा गठबंधन उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा, “2029 के चुनाव में हमारे पास प्रधानमंत्री पद के लिए एक स्पष्ट चेहरा होगा।” राउत का यह बयान विपक्षी एकता की नई मजबूती और भविष्य के चुनावों के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
BJP सत्ता को उखाड़ फेंकने का विपक्षी संकल्प
संजय राउत ने गठबंधन के मुख्य उद्देश्य को ‘राष्ट्रभक्ति का एजेंडा’ बताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन का एकमात्र साझा लक्ष्य भाजपा को सत्ता से बेदखल करना है। राउत के शब्दों में, यह देश की रक्षा, स्वाभिमान और गौरव को बचाने की एक वैचारिक लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि जनता के मन में भी यही भावना है कि अब बदलाव का समय आ गया है। इस प्रकार, राहुल गांधी की आक्रामक नीतियों और संजय राउत के सांगठनिक विश्वास के साथ, ‘इंडिया’ गठबंधन ने अब 2029 की चुनावी जंग के लिए बिगुल फूंक दिया है।










