UP News: इंडिया गठबंधन की बैठक पर बरसे मौलाना बरेलवी, पूछा- आखिर ओवैसी की AIMIM को क्यों नहीं बुलाया?

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के इस हुजूम से मुसलमान गायब थे। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में अखिलेश यादव से सावधान रहने की गंभीर सलाह दी है।

UP News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 9, 2026

UP News: दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की हालिया बैठक के बाद सियासी गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इस बैठक को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बेहद सख्त और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मौलाना शहाबुद्दीन ने विपक्षी एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस पूरे हुजूम में मुसलमान पूरी तरह से गायब नजर आया। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि देश के इतने बड़े विपक्षी जमावड़े में किसी भी काबिल-ए-जिक्र मुस्लिम राजनीतिक दल या चेहरे को शामिल होने के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया, जो विपक्ष की नीयत पर बड़े सवाल खड़े करता है।

विपक्षी एकजुटता की बैठक पर सवाल

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने दिल्ली की बैठक की समीक्षा करते हुए इसके मुख्य एजेंडे पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि जो दल देश से सांप्रदायिकता को जड़ से खत्म करने का दंभ भरते हैं, उन्होंने ही अपनी इस महत्वपूर्ण बैठक की पूरी गुफ्तगू और रणनीतिक प्रस्तावों में ‘सांप्रदायिक’ जैसे बुनियादी शब्द का इस्तेमाल तक करना मुनासिब नहीं समझा। मौलाना के अनुसार, देश के मौजूदा दौर और राजनीतिक माहौल में आपसी भाईचारे और यकजहती (एकता) की सबसे ज्यादा सख्त जरूरत है, लेकिन धर्मनिरपेक्षता का दावा करने वाले गठबंधन के भीतर ही अल्पसंख्यकों के मुद्दों को लेकर एक अजीब सी खामोशी और उपेक्षा दिखाई दे रही है।

समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप

कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी (सपा) के आपसी गठबंधन को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी को अतीत का आईना दिखाया है। उन्होंने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के पिछले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। मौलाना ने कहा कि अगर अखिलेश यादव ने उन तीन राज्यों के चुनाव में मुस्लिम बहुल सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करके विपक्ष के वोटों का बंटवारा न किया होता, तो कांग्रेस को इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने दावा किया कि सपा की इसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण ही उन राज्यों में कांग्रेस की हार हुई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारें बनीं।

कांग्रेस नेतृत्व को बरेलवी का राजनीतिक मशवरा

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और भविष्य की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए बरेलवी ने राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान को बेहद सतर्क रहने की नेक सलाह दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तब अखिलेश यादव ने गठबंधन के धर्म का पालन क्यों नहीं किया? मौलाना ने कांग्रेस को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सपा प्रमुख पूरी तरह भरोसा करने लायक राजनेता नहीं हैं। उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि भविष्य में जब यूपी के भीतर टिकटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला लेने का वक्त आएगा, तब कांग्रेस नेतृत्व खुद देख लेगा कि सपा मुखिया किस तरह से अपना रंग बदलते हैं।

गठबंधन की रणनीतिक बैठक पर उठे चौतरफा वैचारिक सवाल

गौरतलब है कि दिल्ली में सोमवार 8 जून को इंडिया गठबंधन के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया था। इस रणनीतिक बैठक में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित देश के 23 प्रमुख विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की थी और आगामी राजनीतिक रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की थी। हालांकि, इस बैठक से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को पूरी तरह दूर रखा गया और उन्हें कोई निमंत्रण नहीं भेजा गया था। इस पर यूपी एआईएमआईएम के प्रवक्ता शादाब चौहान ने भी तीखा ऐतराज जताया और साफ शब्दों में कहा कि ओवैसी और मुस्लिम नेतृत्व की भागीदारी के बिना भाजपा विरोधी कोई भी गठबंधन कभी पूरा नहीं हो सकता।