INDIA Alliance Meeting: INDIA गठबंधन में PM चेहरे पर चर्चा तेज, उद्धव गुट ने राहुल गांधी पर क्या कहा?

शिवसेना (UBT) ने इंडिया गठबंधन की मजबूती के लिए कांग्रेस को 'बड़ा दिल' दिखाने की नसीहत दी है। पार्टी का मानना है कि कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों को अधिक प्राथमिकता और सम्मान देना चाहिए

INDIA Alliance Meeting

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 8, 2026

INDIA Alliance Meeting: दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया गठबंधन’ (INDIA Bloc) की बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इस महत्वपूर्ण बैठक के बीच उद्धव ठाकरे गुट की ओर से आया बयान गठबंधन के भीतर के समीकरणों को स्पष्ट करने वाला है। पार्टी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने बैठक के एजेंडे और कांग्रेस की भूमिका पर खुलकर अपनी बात रखी है।

Delhi News: साकेत बिल्डिंग मलबे में दबी ‘प्रशासनिक साज़िश’, एमिकस की रिपोर्ट में बड़े आरोप

गठबंधन की एकजुटता और राहुल गांधी की भूमिका

आनंद दुबे ने कहा कि गठबंधन की इस बैठक में अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन और सीपीएम के कुछ नेताओं की अनुपस्थिति के बावजूद अधिकांश सहयोगी दल एकजुट हैं। उद्धव ठाकरे इस चर्चा में वर्चुअली शामिल हुए हैं। दुबे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस गठबंधन का सबसे बड़ा हिस्सा है और सीटों की संख्या के लिहाज से भी कांग्रेस का पलड़ा भारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन के भीतर राहुल गांधी की स्वीकार्यता पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

‘घर की बातें और मन-मुटाव’

गठबंधन में नाराजगी की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने एक मुहावरे का प्रयोग किया, “चार बर्तन जहां होते हैं, वहां बजते ही हैं।” उनके अनुसार, राजनीतिक परिवारों में मामूली मतभेद होना स्वाभाविक है। उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन मजबूत बना रहेगा और बैठक में मुख्य रूप से नीट (NEET) पेपर लीक, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे जन-मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने माना कि राजनीति में हर किसी को पूरी तरह खुश रखना संभव नहीं है, लेकिन साझा उद्देश्यों के लिए नाराजगी को पीछे छोड़ना जरूरी है।

‘कांग्रेस दिखाए बड़ा दिल, क्षेत्रीय दलों को मिले सम्मान’

उद्धव गुट के नेता ने गठबंधन की भविष्य की रणनीति पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय दलों का अपना एक सीमित दायरा होता है, जहां वे बेहतर काम करते हैं। उन्होंने तर्क दिया, “शिवसेना चाहती है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का पद हमें मिले, उसी तरह डीएमके, आम आदमी पार्टी, टीएमसी और समाजवादी पार्टी की भी अपनी आकांक्षाएं हैं।”

दुबे ने कांग्रेस को सलाह दी कि उन्हें बड़ा दिल दिखाते हुए क्षेत्रीय दलों को अधिक प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका स्पष्ट मानना है कि, “प्रधानमंत्री तो राहुल गांधी को बनना है, उन्हें ही नेतृत्व करना है। ऐसे में कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों को प्रमोट करना चाहिए और बदले में क्षेत्रीय दल राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पूरा समर्थन देंगे।”

गठबंधन की सफलता के लिए कांग्रेस की जिम्मेदारी

आनंद दुबे ने यह भी चेताया कि यदि भाजपा को हराना है, तो कांग्रेस को पूरे देश में गठबंधन की नीति अपनानी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि “अगर आप यूपी में गठबंधन करेंगे और बिहार में नहीं, तो यह कैसा गठबंधन है?” उनके अनुसार, गठबंधन की सफलता के लिए कांग्रेस को हर राज्य में एक समान रणनीति अपनानी होगी।

कुल मिलाकर, उद्धव गुट ने यह साफ संदेश दिया है कि इंडिया गठबंधन की धुरी राहुल गांधी के नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल में अधिक लचीलापन दिखाना होगा। गठबंधन की मजबूती इसी आपसी तालमेल और बड़े दिल से लिए गए फैसलों पर निर्भर करेगी।

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आग, कुछ दस्तावेज जलने की आशंका