India AI Impact Summit 2026: AI का नया ग्लोबल हब बनेगा भारत, अश्विनी वैष्णव ने बताया NVIDIA के साथ बड़ा प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया। इस समिट में 65 देशों और 600 से अधिक स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत के AI स्टैक में अगले दो वर्षों में $200 बिलियन का निवेश आएगा। समिट का मुख्य उद्देश्य भारत को दुनिया का 'AI हब' बनाना है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 17, 2026

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India AI Impact Summit 2026: भारत की राजधानी में तकनीक के महाकुंभ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का भव्य शंखनाद हो चुका है। 20 फरवरी तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन के साथ ही ‘AI एक्सपो’ की भी शुरुआत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्सपो का उद्घाटन करते हुए भारत की डिजिटल शक्ति का प्रदर्शन किया। इस समिट में दुनिया भर के करीब 65 देश और 600 से अधिक स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं, जो भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर अग्रणी बनाने के संकल्प को दर्शाते हैं।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भारी निवेश

बताते चले कि, समिट के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि अगले दो वर्षों के भीतर, भारत के AI स्टैक (AI Stack) के पांचों स्तरों में 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। यह निवेश न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि देश में नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। सरकार का लक्ष्य एआई तकनीक को आम लोगों के जीवन और शासन व्यवस्था से गहराई से जोड़ना है।

NVIDIA की भारत में भूमिका

आपक बता दे कि, इस समिट में दिग्गज टेक कंपनी NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग की अनुपस्थिति पर भी चर्चा हुई। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि श्री हुआंग ने अपरिहार्य कारणों से खुद न आ पाने पर खेद जताया है। हालांकि, उन्होंने अपनी जगह कंपनी के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि NVIDIA वर्तमान में कई भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर देश में बड़े निवेश और तकनीकी सहयोग पर काम कर रही है, जो भारत के कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

65 देशों की भागीदारी और उभरते स्टार्टअप्स का महासंगम

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट केवल एक चर्चा का मंच नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग का केंद्र बन गया है। इसमें शामिल हो रहे 65 देश इस बात का प्रमाण हैं कि दुनिया भारत को एक विश्वसनीय तकनीक भागीदार के रूप में देख रही है। साथ ही, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भारत का युवा दिमाग एआई के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘AI एक्सपो’ का उद्घाटन स्टार्टअप इकोसिस्टम को वह प्रोत्साहन देगा जिसकी मदद से भारतीय कंपनियां वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी।

एआई स्टैक के पांच स्तरों पर केंद्रित विकास

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में विशेष रूप से ‘AI स्टैक की पांच लेयर्स’ पर जोर दिया। यह ढांचा डेटा, कंप्यूटिंग, एल्गोरिदम, एप्लिकेशन और गवर्नेंस को कवर करता है। 200 बिलियन डॉलर के संभावित निवेश के साथ, भारत का लक्ष्य एक ऐसी पारदर्शी और सुरक्षित एआई व्यवस्था बनाना है जो समावेशी विकास सुनिश्चित करे। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को गति देगी, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को तकनीक के माध्यम से साकार करने में भी मदद करेगी।

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