राशन कार्ड वालों के लिए जरूरी खबर: सरकारी नौकरी, ज्यादा GST और लंबे समय से राशन नहीं लेने वालों पर गिरेगी गाज

 रांची  झारखंड में राशन कार्डधारकों के लिए एक बड़ी खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत झारखंड में निबंधित 6,29, 973 लाभुकों में से अपात्र लाभुकों को हटाने के क्रम में राज्य सरकार निर्धारित डेट लाइन 26 अगस्त तक लगभग 26 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर चुकी है। किन लोगों का कटेगा नाम? यह आंकड़ा 1.63 लाख लाभुकों के बराबर है। इस सूची में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो किसी ना किसी कारण से पिछले छह महीने से राशन का उठाव नहीं कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित कर

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 22, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 रांची
 झारखंड में राशन कार्डधारकों के लिए एक बड़ी खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत झारखंड में निबंधित 6,29, 973 लाभुकों में से अपात्र लाभुकों को हटाने के क्रम में राज्य सरकार निर्धारित डेट लाइन 26 अगस्त तक लगभग 26 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर चुकी है।

किन लोगों का कटेगा नाम?
यह आंकड़ा 1.63 लाख लाभुकों के बराबर है। इस सूची में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो किसी ना किसी कारण से पिछले छह महीने से राशन का उठाव नहीं कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित कर जो नाम दिए गए थे उनमें से 26 प्रतिशत लोगों के लाम कट रहे हैं। इसी कड़ी में यह निर्णय लिया गया है।

राज्य सरकार पहले ही अपात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने के लिए नोटिस दे चुकी थी। इनमें उन लोगों के नाम भी शामिल हैं जो विभिन्न प्रकार की सरकारी नौकरियों में थे। जिनका पीएफ कट रहा था और जो इसके बावजूद केंद्र की योजना के तहत मुफ्त का राशन भी प्राप्त कर रहे थे। अब केंद्र सरकार ने एनएफएसए – 2 लागू की है जिसके तहत ऐसे लाभुकों के नाम स्वत: कट जाएंगे।
इसके अलावा पोस्टल सेवा से भी 808 लोगों के नाम हैं। नई व्यवस्था में उन लोगों के नाम को भी शामिल किया गया है जिन्होंने पिछले एक वर्ष में 25 लाख रुपये से अधिक का जीएसटी फाइल किया है। ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर मानकर केंद्र सरकार इन्हें भी सूची से बाहर करने की तैयारी कर चुकी है।

सरकार ने इसके लिए पात्रता ट्रैकिंग का फॉर्मूला तैयार किया जिसके तहत मासिक सब्सिडी वाले खाद्यान्न कोटा और हाल के लेनदेन इतिहास की जांच की जाती है। वन नेशन वन कार्ड को भी केंद्र सरकार प्राेत्साहित कर रही है।

इसके तहत भारत में कहीं भी सुविधाजनक अंतरराज्यीय राशन संग्रह के लिए आस-पास की उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न का उठाव कियाा जा सकता है। ऐसे में सरकार चाहती है कि एक भी अपात्र लाभुक राशन कार्ड का गलत इस्तेमाल नहीं करें।

 

2