MP-MLA कोर्ट का अहम फैसला: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा

दतिया   मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर दतिया सीट से विधायक चुने गए राजेंद्र भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष बेंच ने आज 3 साल की सजा सुना दी है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 25 साल पुराने भूमि विकास सहकारी बैंक घोटाले मामले में राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया है। साथ ही, इसपर फैसला देते हुए 3सालर्ष की जेल की सजा और जुर्माना लगाया है। आपको बता दें कि, एक दिन पहले बुधवार को कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी केस में दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद

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Published On :

अप्रैल 2, 2026

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दतिया 
 मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर दतिया सीट से विधायक चुने गए राजेंद्र भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष बेंच ने आज 3 साल की सजा सुना दी है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 25 साल पुराने भूमि विकास सहकारी बैंक घोटाले मामले में राजेंद्र भारती को दोषी करार दिया है। साथ ही, इसपर फैसला देते हुए 3सालर्ष की जेल की सजा और जुर्माना लगाया है। आपको बता दें कि, एक दिन पहले बुधवार को कोर्ट ने उन्हें धोखाधड़ी केस में दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद फैसला आज के लिए सुरक्षित रखा गया था और आज इसपर विधायक को सजा सुनाई है।

कोर्ट ने राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी के तहत आपराधिक साजिश, 420 धोखाधड़ी, 467, 468 जालसाजी और 471 जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने के तहत दोषी ठहराया है। इसी मामले में सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी माना गया है।

क्या है मामला ?
आपको बता दें कि, विधायक को हुई सजा से जुड़ा ये मामला दतिया जिले में स्थित भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा है। मामला उस समय का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोप है कि, उन्होंने बैंक लिपिक के साथ मिलकर 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर किया था। एफडी की अवधि और दस्तावेजों में बदलाव कर वो तय समय से अधिक समय तक ऊंची ब्याज दर पर पैसा निकालते रहे थे।

सजा के बाद भी राहत
खास बात ये है कि, इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने जहां दोषी करार देते हुए उन्हें 3 साल की सजा सुनाई तो वहीं दूसरी तरफ साथ में जमानत भी दे दी है। कोर्ट की इस राहत से उन्हें तुरंत ही जेल नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, कानूनी तौर पर 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द करने का नियम है। ऐसे में अब कोर्ट से सजा का फैसला आने के बाद उनकी विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है। हालांकिस अब भी राजेंद्र भारती के पास कुछ विकल्प मौजूद हैं, जिसके आदार पर वो अपनी सजा को चुनौती दे सकते हैं।

कांग्रेस का हमला
एमपी एमएलए कोर्ट के फैसला आने के बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने राजेन्द्र भारती केस को भाजपा का षणयंत्र बताया है। साथ ही, उम्मीद जताते हुए कहा कि, जल्द ही उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिल जाएगी।

खास बातें

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-कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया।

-25 साल पुराने केस में एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला।

-सजा सुनाने के साथ ही कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को जमानत भी दी।

-60 दिन के भीतर अपर कोर्ट में अपील करने का मौका भी मिला।

-पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर चुने गए विधायक।

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