Rain Thunderstorm Impact: उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने ऐसा भयानक यू-टर्न लिया है कि भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन आंधी, तूफान और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई है। मानसून के आगमन और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। मौसम के इस ‘तांडव’ के कारण अलग-अलग हादसों में उत्तर प्रदेश में 31, बिहार में 17, पश्चिम बंगाल में 7 और उत्तराखंड में 2 पर्यटकों समेत कई लोगों की जान चली गई है।
Weather Update: आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, बिहार में 12 की मौत और भारी बारिश
पूर्वांचल और बुंदेलखंड में मची भारी तबाही
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के भीतर आए भयंकर चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मौसम का सबसे विकराल रूप बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में देखने को मिला। प्रयागराज में महज 4 घंटे (रात 1 बजे से सुबह 5 बजे) के भीतर 61 मिलीमीटर रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। इसने 18 मई 1971 को दर्ज हुई 54 मिमी बारिश का 55 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।
आगरा में 100 किमी प्रति घंटे और वाराणसी में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखाड़ फेंके। आगरा में पेड़ गिरने से एक ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। वहीं उरई और भुआ स्टेशनों के बीच ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन का खंभा टूटने से झांसी-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेनों का चक्का थम गया। सहारनपुर के पहाड़ी इलाकों में आए तेज बहाव के कारण इनोवा और ट्रैक्टर सहित 10 गाड़ियां बह गईं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को नुकसान का तत्काल आकलन करने और 24 घंटे के भीतर पीड़ितों व मृतकों के परिजनों को राहत राशि वितरित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
107 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
बिहार में आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) के कारण 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। राजधानी पटना में 107 किमी प्रति घंटा और गया में 74 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आए बवंडर ने पूरे जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
खराब दृश्यता (Visibility) के कारण पटना एयरपोर्ट पर आने वाली 4 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 18 से अधिक उड़ानें घंटों लेट हुईं। सूबे में सबसे ज्यादा बारिश मोतिहारी में 116 मिमी दर्ज की गई। उधर, नेपाल के तराई इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पीपा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग को तुरंत राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।
बुझी जंगलों की आग
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश से पिछले कई दिनों से धधक रही जंगलों की आग (Forest Fire) तो बुझ गई है, जिससे कुमाऊं और गढ़वाल में जल रहे वन्य क्षेत्र को राहत मिली। लेकिन, रुद्रप्रयाग के प्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता मार्ग पर प्रकृति का कहर देखने को मिला। यहाँ आंधी-तूफान के बीच हुए भीषण वज्रपात की चपेट में आने से लखनऊ के रहने वाले दो सगे भाइयों (अभिनव वाजपेयी और अभिषेक वाजपेयी) की मौत हो गई, जबकि उनके तीन अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मार्ग पर फंसे 50 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के रोहतांग और बारालाचा में बर्फबारी हुई है, जबकि पश्चिम बंगाल में भी आकाशीय बिजली और तूफान से 7 लोगों की मौत हुई है, जहां राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
UP News: यूपी में बदला मौसम का मिजाज, तेज आंधी और बारिश से तापमान में भारी गिरावट










