May Heatwave Alert : अप्रैल की भीषण गर्मी झेलने के बाद मई की शुरुआत में हुई आंधी और बारिश ने उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में तापमान को 4 से 5 डिग्री तक नीचे गिरा दिया है। हालांकि, यह राहत लंबे समय तक टिकने वाली नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मई के बाकी दिनों में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने के लिए तैयार है। हिमालय की तलहटी वाले क्षेत्रों, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र में पारा सामान्य से काफी ऊपर जा सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन राज्यों में सामान्य के मुकाबले 2 से 4 दिन अधिक लू (हीटवेव) चलने की आशंका है।
हीटवेव का सटीक पूर्वानुमान: 8 से 14 और 22 से 28 मई रहेंगे बेहद गर्म
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को देश के तापमान को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मई महीने के दूसरे सप्ताह (8-14 मई) और चौथे सप्ताह (22-28 मई) के दौरान सूरज के तेवर सबसे तीखे रहेंगे। इस अवधि में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में भीषण लू चलने की संभावना है। पूर्वी तटीय इलाकों में भी तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। इस खतरे को भांपते हुए आईएमडी ने संबंधित राज्य सरकारों को ‘हीट वेव एडवाइजरी’ जारी कर दी है, ताकि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जा सकें।
सरकार की तैयारी: पेयजल और बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान
भीषण गर्मी की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार गर्मी से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। राज्य और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग सिस्टम और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों जैसे संवेदनशील समूहों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
सावधानी ही बचाव: उमस और रात के बढ़ते तापमान से बढ़ेगी बेचैनी
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस बार केवल दिन की गर्मी ही नहीं, बल्कि रात का बढ़ता तापमान भी लोगों को परेशान करेगा। खासकर शहरी और तटीय क्षेत्रों में रात के समय न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने से उमस (Humidity) का स्तर बढ़ जाएगा। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में ईएनएसओ-तटस्थ (ENSO-neutral) स्थितियां हैं, लेकिन मानसून के दौरान ‘अल नीनो’ के सक्रिय होने की संभावना है, जो आगे चलकर मौसम को और अधिक प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग की सलाह: एडवाइजरी का पालन करें और सुरक्षित रहें
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि गर्मी की यह स्थिति पूरे देश में एक समान नहीं है, इसलिए स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना आवश्यक है। आईएमडी द्वारा जारी एडवाइजरी में दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने, शरीर को हाइड्रेटेड रखने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि यदि नागरिक मौसम विभाग के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हैं और सावधानी बरतते हैं, तो बढ़ते तापमान के दुष्प्रभावों से प्रभावी ढंग से बचा जा सकता है। स्थानीय प्रशासन को भी हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम रखने को कहा गया है।
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