‘AAP में घुटन महसूस हो रही थी’, राघव चड्ढा ने बताए अलग होने के कारण

चंडीगढ़. सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज ये पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता

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Published On :

अप्रैल 27, 2026

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चंडीगढ़.

सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए।

अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज ये पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, पार्लियामेंट में बोलने से रोका जाता है और ये पार्टी आज चंद भ्रष्ट लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं।

राघव ने गिनाए तीन विकल्प
तीसरा विकल्प कि मैं अपनी ऊर्जा और अनुभव लेकर किसी और पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए अकेले मैंने ही नहीं, मेरे साथ छह और सांसदों ने यह फैसला लिया कि हम इस पार्टी से रिश्ता तोड़ देंगे। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। वे अनगिनत शिक्षित लोग जो इस पार्टी के साथ जुड़े थे, क्या वे सारे लोग गलत थे?

आप ऐसे समझिए, आप में से जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, अगर आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए तो आप कितना काम कर पाएंगे? क्या आप वहां काम कर पाएंगे? आपको वहां काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस जगह को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया। आप में से कई लोगों ने पूछा कि क्या मैं आम लोगों के मुद्दे वैसे ही उठाता रहूंगा? तो मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं आपकी समस्याओं को लगातार और जोश के साथ उठाऊंगा, और अच्छी बात यह है कि अब हम उन दिक्कतों के हल भी ढूंढ पाएंगे।

कुछ दिन पहले बीजेपी में हुए थे शामिल
कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे।

 

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