Holi Bhai Dooj 2026: होली भाई दूज, जिसे ‘भ्रातृ द्वितीया’ भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना के घर आए थे। यमुना ने प्रेमपूर्वक अपने भाई को तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन कराया। यमराज ने प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक कराएगा और उसके हाथ का भोजन ग्रहण करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।
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होली भाई दूज का शुभ मुहूर्त

शास्त्रों के अनुसार, शुभ समय में किया गया तिलक भाई की उन्नति और लंबी आयु के लिए मंगलकारी होता है।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक। (यह समय तिलक के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है)।
अमृत काल: सुबह 03:11 बजे से अगले दिन (6 मार्च) सुबह 04:52 बजे तक।
तिलक की सही विधि
भाई दूज की पूजा में दिशाओं और शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
स्थान की तैयारी: पूजा स्थल या घर के उत्तर-पूर्व कोने में आटे या रंगोली से एक चौक बनाएं और उस पर भाई को बिठाएं।
सही दिशा: तिलक करते समय भाई का चेहरा उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) की ओर होना चाहिए। बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।
थाली सजाएं: पूजा की थाली में रोली (कुमकुम), साबुत अक्षत, कलावा (रक्षा सूत्र), सूखा नारियल (गोला), मिठाई और एक घी का दीपक रखें।
तिलक और अक्षत: भाई के माथे पर तिलक लगाएं और उस पर अक्षत लगाएं। मन ही मन भाई की दीर्घायु और सफलता की कामना करें।
रक्षा सूत्र और नारियल: भाई की दाहिनी कलाई पर कलावा बांधें और उसे सूखा नारियल का गोला भेंट करें। हिंदू परंपरा में यह नारियल भाई की सुरक्षा का कवच माना जाता है।
आरती और मिष्ठान: दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें और उन्हें अपने हाथ से मिठाई खिलाएं।
इन बातों का रखें ध्यान
भाई दूज के दिन कुछ परंपराओं का पालन करना अनिवार्य माना गया है:—
भोजन की परंपरा: इस दिन भाई को अपनी बहन के घर जाकर ही भोजन करना चाहिए। यदि बहन घर से दूर है, तो फोन पर बात कर आशीर्वाद लें और सामर्थ्य अनुसार उपहार भेजें।
उपहार का महत्व: तिलक के बाद भाई को अपनी बहन को स्नेह स्वरूप कुछ न कुछ उपहार या दक्षिणा अवश्य देनी चाहिए।
यमराज का दीपक: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है।
सात्विकता: इस दिन भाई और बहन दोनों को तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन) से दूर रहना चाहिए और आपस में वाद-विवाद से बचना चाहिए।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।










