Holi 2026: कब है होली का त्योहार? एक क्लिक में जानें होलिका दहन का मुहूर्त और जरूरी नियम

सनातन धर्म में होली का त्योहार खास महत्व रखता है और इसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास होली है, लेकिन तारीख को लेकर असमंजस है। जानें इस बार होली की सही तिथि और जरूरी बातें।

Holi 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 5, 2026

Holi 2026: सनातन धर्म में कई सारे पर्व मनाए जाते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है। लेकिन रंगों का त्योहार होली बेहद ही खास माना गया है, जो कि देशभर में उल्लास के साथ मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास होली का आयोजन होता है, लेकिन साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में हम आपको सही तारीख और जरूरी बातें बता रहे हैं, तो आइए जानते हैं।

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होली की सही तारीख

Holi 2026
कब है होली का त्योहार?

हिंदू पंचांग के अनुसार रंगों वाली होली 4 मार्च दिन बुधवार को मनाई जाएगी, 3 मार्च को होली नहीं बल्कि होलिका दहन किया जाएगा। 4 मार्च के दिन लोग रंग गुलाब खेलकर होली का त्योहार धूमधाम के साथ मनाते हैं। यह पर्व मेल जोल और प्रेम का प्रतीक माना गया है।

होलिका दहन की तारीख और मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली से एक दिन पहले होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है, जो कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से आरंभ होकर 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। ऐसे में होलिका दहन का पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि छोटी होली पर होलिका दहन करने से नकारात्मकता दूर हो जाती हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

होली से जुड़े जरूरी नियम

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कब है होली का त्योहार?

आपको बता दें कि होली के दिन दूध, दही और चीनी का दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता है। इसके अलावा इस दिन कपड़े, सरसों का तेल, लोहे, स्टील और कांच से बनी वस्तुओं का दान करना भी वर्जित होता है। होली के दिन पूजा, भजन और धार्मिक अनुष्ठान विधिवत करना चाहिए। फूल, रंग, मिठाई और अन्य शुभ सामग्री का उपयोग पूजा में जरूर करें। होली पर किसी को जबरदस्ती रंग न लगाएं और किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।