Hockey World Cup : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में आयोजित हॉकी विश्व कप 2026 के सफल आयोजन के लिए बेल्जियम के प्रधानमंत्री को बधाई दी। बार्ट डी वेवर अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए हैं।
हॉकी विश्व कप के भव्य आयोजन की पीएम मोदी ने की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बेल्जियम और नीदरलैंड ने पिछले महीने मिलकर हॉकी विश्व कप का शानदार आयोजन किया। उन्होंने टूर्नामेंट के सफल संचालन के लिए दोनों देशों की सराहना करते हुए बेल्जियम के प्रधानमंत्री को विशेष रूप से बधाई दी। पीएम मोदी ने इस दौरान भारतीय हॉकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनकी कड़ी मेहनत की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ अपना प्रदर्शन किया।
15 से 30 अगस्त तक खेला गया हॉकी विश्व कप
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में किया गया। प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों की शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टीमों ने हिस्सा लिया। विश्व कप के मुकाबले 15 अगस्त से 30 अगस्त तक खेले गए। इस दौरान दुनिया की प्रमुख हॉकी टीमों के बीच खिताब के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
जर्मनी ने स्पेन को हराकर पुरुष खिताब जीता
पुरुष वर्ग के फाइनल में जर्मनी और स्पेन के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला हुआ। जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से शिकस्त देकर विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। मैच में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन जर्मनी एक गोल की बढ़त को अंत तक कायम रखने में सफल रहा। इस जीत के साथ जर्मनी ने पुरुष हॉकी विश्व कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया।
पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने जीता महिला विश्व कप
महिला वर्ग का फाइनल भी काफी रोमांचक रहा। अर्जेंटीना और मेजबान नीदरलैंड के बीच निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा। इसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। शूटआउट में अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड को 3-1 से हराया और महिला हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
भारतीय पुरुष टीम आठवें स्थान पर रही
भारतीय पुरुष हॉकी टीम विश्व कप में उम्मीदों के साथ उतरी थी, लेकिन टीम अंतिम चार में जगह नहीं बना सकी। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई। भारत ने टूर्नामेंट का अंत आठवें स्थान के साथ किया। इसके साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 1975 के बाद विश्व कप में पदक जीतने का इंतजार एक बार फिर बढ़ गया।
हरमनप्रीत सिंह ने व्यक्तिगत प्रदर्शन से छोड़ी छाप
भारतीय टीम भले ही अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह का व्यक्तिगत प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में कुल आठ गोल दागे। गोल करने के मामले में वह दक्षिण अफ्रीका के मुस्तफा कैसिएम के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। हरमनप्रीत के प्रदर्शन ने भारतीय टीम के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय महिला टीम ने पांचवां स्थान हासिल किया
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पुरुष टीम के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करते हुए विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया। पांचवें स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट का सकारात्मक अंदाज में समापन किया और पांचवें स्थान पर अपना अभियान खत्म किया।
हॉकी बनी भारत-बेल्जियम के रिश्तों की अहम कड़ी
पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की मुलाकात में हॉकी का उल्लेख दोनों देशों के बीच खेल संबंधों की अहमियत को दर्शाता है। भारत और बेल्जियम दोनों की हॉकी में मजबूत परंपरा रही है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट दोनों देशों के बीच खेल सहयोग, खिलाड़ियों के संपर्क और खेल क्षेत्र में आपसी साझेदारी को बढ़ाने का मंच भी प्रदान करते हैं। हॉकी के जरिए भारत और बेल्जियम के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
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