Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू धर्म में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवसंवत्सर की शुरुआत होती है। इसे भारतीय नववर्ष भी कहा जाता है। इसका आरंभ राजा विक्रमादित्य ने किया था, इसलिए इसे विक्रम संवत कहा जाता है। इस दिन से वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ होता है और सूर्य देव भचक्र की पहली राशि मेष में प्रवेश करते हैं। इसी समय से ऋतुओं और प्रकृति में परिवर्तन की शुरुआत होती है।
Chaitra Navratri 2026: आज से शुरू हुई चैत्र नवरात्रि, नोट कर लें घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त!
संवत का नाम और ग्रहों का मंत्रिमंडल

विक्रमी संवत 2083 का नाम रौद्र है। इस संवत के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे। बृहस्पति के राजा होने से धर्म, शिक्षा और कानून के क्षेत्र में सुधार की संभावना है। मंगल मंत्री होने के कारण जनसाधारण को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अग्निभय, युद्ध और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। मेघेश चंद्रमा होने से वर्षा की स्थिति बेहतर रहने की संभावना है।
ग्रहों का विशेष संयोग
नए साल की शुरुआत में ग्रहों की स्थिति खास रहेगी।
सूर्य, शनि और शुक्र मीन राशि में रहेंगे।
बृहस्पति मिथुन राशि में स्थित होंगे।
राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में रहेंगे।
साल के दौरान ग्रहों की चाल में बदलाव होगा:
2 जून 2026 को बृहस्पति मिथुन से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
31 अक्टूबर को वे सिंह राशि में चले जाएंगे।
5 दिसंबर को राहु मकर और केतु कर्क राशि में गोचर करेंगे।
इन ग्रह परिवर्तनों का असर पूरे साल अलग-अलग राशियों के जीवन में दिखाई देगा।
नववर्ष के पहले दिन क्या करें
हिंदू नववर्ष के पहले दिन कुछ विशेष परंपराएं निभाई जाती हैं:
सुबह स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें।
घर के मुख्य द्वार पर वंदरवार लगाएं।
अपने ईष्ट देव या देवी की विधिवत पूजा करें।
गंध, अक्षत, पुष्प और जल से नवसंवत की पूजा करें।
ईश्वर से प्रार्थना करें कि आने वाला वर्ष मंगलकारी हो।
नीम के कोमल पत्तों और ऋतु के पुष्पों का चूर्ण बनाकर उसमें काली मिर्च, नमक, हींग, जीरा और इमली मिलाकर सेवन करें।
नए संवत का आगमन 2026 में: जानिए इसका महत्व और आपके लिए क्या संकेत हैं
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।









