Assam Elections: हिमंता बिस्वा सरमा का पलटवार! पवन खेड़ा के दावों को बताया फर्जी, कहा- ‘AI फोटोशॉप्ड’ हैं दस्तावेज

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और गौरव गोगोई के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उनकी पत्नी के नाम पर फर्जी 'AI फोटोशॉप्ड' पासपोर्ट का इस्तेमाल किया है और इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की स्क्रिप्ट एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप ने तैयार की थी।

Assam Elections

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 6, 2026

Assam Elections: असम विधानसभा चुनाव के बीच सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से उनकी पत्नी के दिखाए गए विदेशी पासपोर्ट और दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी और ‘AI फोटोशॉप्ड’ हैं। सीएम ने सीधे तौर पर कांग्रेस के आरोपों के पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन होने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

सीएम हिमंता ने कहा- गूगल रिवर्स इमेज सर्च से खुली कांग्रेस के दावों की पोल

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उनकी पत्नी के संदर्भ में जिस कथित यूएई (UAE) पासपोर्ट का उपयोग किया है, वह पूरी तरह से फर्जी है। असली पासपोर्ट तो किसी पाकिस्तानी नागरिक ने सोशल मीडिया पर डाला था, जिसे कांग्रेस ने कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence) और फोटोशॉप के जरिए एडिट कर दिया। उन्होंने कहा कि “टीपू सुल्तान” नाम के अकाउंट ने असली पासपोर्ट को इंटरनेट पर साझा किया था। इतना ही नहीं, कांग्रेस द्वारा दिखाया गया मिस्र का पासपोर्ट भी जाली है। सीएम ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति साधारण गूगल रिवर्स सर्च के जरिए इस हेराफेरी और डिजिटल एडिटिंग का पर्दाफाश कर सकता है।

पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप और कांग्रेस का कथित गठजोड़

असम के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछले दिनों कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दिल्ली और गुवाहाटी में जो संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, उसकी पूरी स्क्रिप्ट और सामग्री एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने दावा किया कि हमारी तकनीकी टीम की जांच में यह पाकिस्तानी लिंक बेहद साफ तौर पर उभरकर सामने आया है। सरमा ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले 10 दिनों के भीतर पाकिस्तान के कई चैनलों ने असम के चुनावों को लेकर कम से कम 11 टॉक शो आयोजित किए हैं। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। हैरान करने वाली बात यह है कि हर टॉक शो का अंत इसी निष्कर्ष पर हुआ कि असम में कांग्रेस की जीत होनी चाहिए।

चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए जाली दस्तावेज का सहारा

मुख्यमंत्री ने कानूनी कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर जब कोई फर्जी दस्तावेजों के सहारे जनता को गुमराह करता है, तो उस पर पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 420 और 468 (जो अब नए बीएनएस कानून में भी समाहित हैं) लागू होती हैं। लेकिन जब कोई जानबूझकर चुनाव के नतीजों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित करने के लिए मनगढ़ंत दस्तावेजों के साथ षड्यंत्र रचता है, तो कानून में इसके लिए कड़े दंड और आजीवन कारावास (उम्रकैद) तक का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा ने इस जालसाजी के खिलाफ बाकायदा एक एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है।

उन्होंने अंत में कहा कि विदेशों में महज 199 अमेरिकी डॉलर चुकाकर कोई भी व्यक्ति फर्जी शेल कंपनी रजिस्टर करवा सकता है। कांग्रेस ने ऐसे ही पाकिस्तानी गुटों से हासिल कागजों का इस्तेमाल कर गौरव गोगोई की मदद की है। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वतंत्र चुनाव के लिहाज से पाकिस्तान की यह दखलअंदाजी बेहद गंभीर विषय है।